जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद जिला चंबा की सीमाओं में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के साथ लगती जिले की सीमा पर तैनात पुलिस चौकियों में जवान मुस्तैद हैं। जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है। नशे के सौदागरों पर पैनी नजर रखी जा रही है। जैसे ही इस तरह की कोई गतिविधि होती है तो पुलिस द्वारा तुरंत कार्रवाई कर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। दैनिक जागरण ने एएसपी चंबा रमन शर्मा से बातचीत की। पेश हैं बातचीत के कुछ मुख्य अंश। पुलवामा में आतंकी हमले के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था के क्या प्रबंध हैं?

- पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद जिले की सीमाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। सीमाओं के साथ लगती चौकियों में तैनात पुलिस कर्मियों को सतर्क किया गया है। साथ ही पेट्रो¨लग भी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा रिजर्व फोर्स को भी अलर्ट पर रखा गया है, ताकि यदि किसी प्रकार की कोई संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। क्या कारण हैं कि अधिकतर नशे के सौदागर अब भी पुलिस गिरफ्त से दूर हैं?

नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस द्वारा पूरी मुस्तैदी के साथ कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में तुन्नुहट्टी बैरियर पर साढ़े 13 किलो चरस सहित आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही नशा बेचने वाली बड़ी मछली तक पहुंचने के लिए पुलिस द्वारा जाल बिछा दिया गया है। जल्द ही नशे का कारोबार करने वाली बड़ी मछलियां भी पुलिस की गिरफ्त में होंगी। अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस की क्या रणनीति है?

अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस सतर्कता के साथ काम कर रही है। पुलिस द्वारा मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और इन्हें ऑनलाइन किया गया है। एक एप के माध्यम से पुलिस अधिकारी हर स्थान पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को चेक करते हैं। इनकी संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों सहित अन्य कई महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के संबंध में कार्य किया जा रहा है। वाहन दुर्घटनाओं को कम करने के लिए पुलिस क्या कदम उठा रही है?

सड़क हादसे अधिकतर मानवीय भूल के कारण ही सामने आते हैं। लोग नशा करके गाड़ी न चलाएं। इसके लिए हर दिन वाहन चालकों की एल्को मीटर के माध्यम से जांच की जा रही है। शराब पीकर तथा मोबाइल फोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाने वाले वाहन चालकों के लाइसेंस सस्पेंड करने को लेकर संबंधित अथॉरटी को भेजे जा रहे हैं। लोगों को यातायात नियमों पर भी जागरूक किया जा रहा है। साइबर क्राइम के खिलाफ पुलिस किस रणनीति के साथ कार्य कर रही है?

साइबर क्राइम के खिलाफ पुलिस द्वारा योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। इसके लिए साइबर सेल भी स्थापित किया गया है। लेकिन जब तक लोग स्वयं जागरूक नहीं होंगे तब तक इस पर रोक लगा पाना काफी मुश्किल है। यदि किसी प्रकार की फेक कॉल या मैसेज आता है तो उसे नजरअंदाज करें तथा पुलिस को इसकी सूचना दें। अपने बारे में किसी के साथ कोई भी जानकारी सांझा न करें। कई फेरी लगाने वालों के पास आइडी कार्ड नहीं होते हैं। इन पर क्या कार्रवाई की जा रही है?

बाहर से जिले में फेरी लगाने के लिए आने वाले लोगों की पहचान की जाती है। यदि कोई फेरी लगाने वाला व्यक्ति बिना पहचानपत्र के घूम रहा हो तो लोग इसकी जानकारी पुलिस को दें। रमन शर्मा का जीवन परिचय

एएसपी रमन शर्मा का जन्म जिला कांगड़ा के धर्मशाला में हुआ है। उनके पिता एमसी शर्मा सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, जबकि माता स्वर्गीय धर्मी देवी गृहिणी थीं। शर्मा ने स्कूल स्तर तक की शिक्षा धर्मशाला तथा शिमला में विभिन्न स्कूलों से पूरी की। इसके उपरांत कॉलेज स्तर की शिक्षा धर्मशाला तथा विश्वविद्यालय तक एमबीए की शिक्षा प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से पूरी की। इसके बाद उन्होंने कॉरपोरेट सेक्टर में भी सेवाएं दी हैं। वर्ष 2007 में एचएएस की परीक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत एचपीएस में सेवाएं दे रहे हैं।

- मिथुन ठाकुर, चंबा

Posted By: Jagran

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