संवाद सहयोगी, पांगी : नौकरी न मिलने से नाराज भूमि मालिकों ने शिक्षा खंड पांगी के तहत आने वाले दो प्राथमिक स्कूलों में ताले जड़ दिए हैं। इनमें से एक प्राथमिक स्कूल मिधल व एक कुठल है। स्कूल भवनों पर ताले जड़ने के कारण विद्यार्थी खुले आसमान के नीचे धूप में शिक्षा ग्रहण करने के लिए मजबूर हो गए हैं। उधर शिक्षा विभाग ने इस मामले की शिकायत पुलिस में की है।

जिन भूमि मालिकों की भूमि पर स्कूल भवनों का निर्माण किया गया है, उनका कहना है कि हाल ही में शिक्षा विभाग में मल्टी टास्क वर्कर की नियुक्ति की गई जिसमें उन्होंने भी नौकरी की आस में आवेदन किया था लेकिन उनको नौकरी नहीं दी गई। भूमि मालिकों का कहना है कि 23, 24 और 25 जून को मल्टी टास्क वर्कर नीति के तहत पांगी के 37 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के लिए साक्षात्कार लिए गए। इसमें स्कूलों को भूमि दान करने वालों को नौकरी पर न रखकर अन्यों को नौकरी पर रखा गया। जिस कारण उन्होंने अपनी निजी भूमि पर बने स्कूलों पर ताले जड़ दिए। मालूम हो कि जिन भूमि मालिकों ने स्कूल भवन निर्माण के लिए भूमि दान दी थी, उस समय शिक्षा विभाग ने भूमि अपने नाम नहीं की थी।

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क्या कहते हैं भूमि मालिक

कुठल गांव निवासी एवं भूमि मालिक ठाकर सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग ने अपने चहेते अभियर्थियों को नौकरी पर रखने के लिए उसके साथ खिलवाड़ किया। उनको राजस्व विभाग ने भूमिदान करने का प्रमाणपत्र तक नहीं दिया है। हैरानी तो इस बात की है कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साच द्वारा उन्हें आठवीं कक्षा में फेल होने का प्रमाणपत्र दिया है। जबकि प्राथमिक पाठशाला कुठल से दिए गए प्रमाणपत्र में यह लिखा गया है कि वह पांचवीं कक्षा में पढ़ते थे। ठाकर सिंह का कहना है कि जब उन्होंने पांचवीं कक्षा ही पास नहीं की तो फिर आठवीं कक्षा तक कैसे पहुंच गए।

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भूमि मालिकों ने विभाग को सूचना दिए बगैर दो स्कूलों में ताले लगा दिए हैं। उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दी गई है। इस तरह से स्कूल भवन पर ताला लगाना गलत है।

-सुरेश कुमार शर्मा, खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी।

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शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में ताले जड़ने को लेकर शिकायत पत्र आया है। शिकायत पत्र मिलने के बाद उक्त मामले में छानबीन की जाएगी। छानबीन के बाद ही आगामी कार्रवाई करेंगे।

-अशोक राणा, थाना प्रभारी पांगी।

Edited By: Jagran