चंबा में धड़ से अलग मिला मासूम का सिर, हत्या या जंगली जानवर का शिकार; जांच में जुटी पुलिस
उपमंडल चुराह के टिकरीगढ़ गांव में एक नवजात शिशु का सिर धड़ से अलग हालत में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

नवजात की मौत ने झकझोरा चुराह। एआई जेनरेटेड तस्वीर।
HighLights
टिकरीगढ़ में नवजात का सिर धड़ से अलग मिला
पुलिस ने नवजात की पहचान के लिए जांच शुरू की
पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच से मौत का कारण स्पष्ट होगा
संवाद सहयोगी, तीसा। उपमंडल चुराह में एक ऐसी वीभत्स घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। टिकरीगढ़ पंचायत के टिकरीगढ़ गांव के समीप एक नवजात शिशु का सिर धड़ से अलग हालत में मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने जब यह भयावह दृश्य देखा तो उनके रोंगटे खड़े हो गए।
सूचना मिलते ही नकरोड़ पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। कुछ दूरी पर तलाशी के दौरान नवजात के शरीर का अन्य हिस्सा भी बरामद किया गया। प्रारंभिक तौर पर सामने आया है कि नवजात के शरीर को जानवरों द्वारा नोचा गया था।
हालांकि, पुलिस अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर रही है कि शिशु की मौत के बाद उसके शरीर को जानवरों ने क्षत-विक्षत किया या किसी ने जानबूझकर उसे नुकसान पहुंचाया। यही वजह है कि पुलिस हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में रोष और भय का माहौल है।
हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर इस मासूम की दर्दनाक मौत कैसे हुई और उसे यहां कौन छोड़ गया। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और स्थानीय स्तर पर जुटाए जा रहे तथ्यों के आधार पर मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी। फिलहाल जांच जारी है और नवजात की पहचान पुलिस की प्राथमिकता बनी हुई है।
किसका है नवजात, सबसे बड़ा सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि आखिर यह नवजात किसका था और उसे यहां तक कौन लेकर आया। स्थानीय स्तर पर अभी तक किसी परिवार ने नवजात की मौत अथवा उसके लापता होने की सूचना नहीं दी है। ऐसे में पुलिस के सामने बच्चे की पहचान करना भी बड़ी चुनौती है।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए हैं। घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच के लिए सुरक्षित किया गया है।
आशा वर्करों से मांगा गर्भवती महिलाओं और प्रसव का रिकॉर्ड
नवजात की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने क्षेत्र की सभी आशा वर्करों से संपर्क साधकर हाल ही में गर्भवती महिलाओं और हुए प्रसव का रिकॉर्ड जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्षेत्र में हाल के दिनों में किसी महिला ने बच्चे को जन्म दिया था या नहीं और प्रसव के बाद नवजात की स्थिति क्या रही। इसके अलावा पुलिस आसपास के गांवों और संभावित स्थानों से भी जानकारी जुटा रही है, ताकि नवजात की पहचान तक पहुंचा जा सके।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच खोलेगी मौत का राज
पुलिस ने बरामद नवजात के दोनों हिस्सों को पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच के लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि नवजात की मौत किस परिस्थिति में हुई थी और शरीर के क्षत-विक्षत होने का वास्तविक कारण क्या है।
फिलहाल पुलिस के सामने दो प्रमुख पहलू हैं क्या नवजात को किसी ने यहां फेंका और बाद में जानवरों ने उसके शरीर को नोचा, या फिर कोई अन्य घटना हुई? पुलिस इन सभी संभावनाओं की जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाए हैं। नवजात के सिर व शरीर के हिस्से पोस्टमार्टम तथा फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। बच्चे की पहचान और मृत्यु के कारण का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं पर वैज्ञानिक तरीके से जांच जारी है। -विजय कुमार सकलानी, एसपी, चंबा
