संवाद सहयोगी, भरमौर (चंबा) : उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के दौरान इस बार हेलीकाप्टर सुविधा एक सप्ताह पहले से शुरू हो जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। मणिमहेश यात्रा 19 अगस्त से शुरू होगी जो दो सितंबर तक चलेगी। भरमौर बस अड्डे से चौरासी मंदिर परिसर तक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यात्रियों की सहायता एवं सुविधा के लिए शिकायत कक्ष भी खोले जाएंगे।

मणिमहेश यात्रा के लिए श्री मणिमहेश न्यास की ओर से लघु सचिवालय में बैठक का आयोजन किया गया। अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर निशांत ठाकुर ने की। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने लंगर समितियों के अध्यक्षों को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि लंगर स्थल सुरक्षित जगह पर बनाए जाएंगे। बैठक में लंगर समितियों से सैनिटेशन चार्ज लिए जाने का निर्णय लिया गया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए के खाना, मेडिकल सुविधा, शौचालय की व्यवस्था, पीने के पानी की व्यवस्था के बारे में चर्चा की गई। बैठक में आए लंगर समितियों के अध्यक्षों से सुझाव मांगे।

बैठक में उपमंडल अधिकारी नागरिक असीम सूद, तहसीलदार भरमौर बालकृष्ण शर्मा, वन मंडल अधिकारी नरेंद्र सिंह, खंड चिकित्सा अधिकारी अंकित शर्मा, सहायक अभियंता जलशक्ति विभाग से विवेक, कनिष्ठ अभियंता बिजली विभाग दिनेश, लंगर समिति अध्यक्ष विपिन महाजन उपस्थित रहे।

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साफ-सफाई का रखा जाएगा विशेष ध्यान

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी ने विशेषकर साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से यात्रा के लिए की जा रही व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।

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ऐसे पहुंचें मणिमहेश

श्रद्धालुओं को मणिमहेश यात्रा पर जाने के लिए पहले पठानकोट पहुंचें। यहां से बस, टैक्सी या निजी गाड़ियों से आगे का सफर कर सकते हैं। पठानकोट से जिला मुख्यालय चंबा की दूरी करीब 119 किलोमीटर है। वहीं जिला मुख्यालय चंबा से भरमौर की दूरी करीब 65 किलोमीटर है। चंबा से भरमौर के हड़सर तक बसों सहित छोटे-बड़े वाहनों से सफर किया जाता है। जहां से मणिमहेश झील के लिए पैदल सफर शुरू होता है। पठानकोट से जिला मुख्यालय चंबा के लिए वाया बनीखेत व वाया जोत भी सफर करने की सुविधा है।

Edited By: Jagran