संवाद सहयोगी, चंबा : स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस वर्ष जुलाई में चंबा मेडिकल कॉलेज के छात्रावास से भरे गए बूंदी के सैंपल की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में सैंपल फेल हो गया है। हालांकि, विभाग द्वारा दाल व सेवियों के सैंपल भी भरे गए थे, लेकिन इनके सैंपल गुणवत्ता के मानकों पर सही पाए गए हैं। सैंपल फेल होने के उपरांत स्वास्थ्य विभाग द्वारा छात्रावास के मैस प्रभारी को एक माह का नोटिस जारी कर दिया गया है। ऐसे में नोटिस का जवाब आने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। यदि तय तिथि के भीतर नोटिस का जवाब विक्रेता द्वारा नहीं दिया गया तो विभाग कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगा।

18 जुलाई को विभागीय टीम ने मेडिकल कॉलेज चंबा के छात्रावास की मैस में बच्चों को निम्न गुणवत्ता वाला खाना परोसे जाने की शिकायत के आधार पर मैस में दबिश दी थी। टीम ने मैस के रसोईघर और स्टोर का निरीक्षण किया था। इस दौरान टीम को बूंदी, दाल व सेवियों की गुणवत्ता पर संदेह हुआ था जिस पर इनके सैंपल एकत्रित किए गए थे। सभी सैंपलों को जांच के लिए कंडाघाट स्थित प्रयोगशाला भेजा गया था। बहरहाल, रिपोर्ट प्राप्त होते ही विभाग द्वारा मैस प्रभारी को नोटिस जारी कर दिया गया है।

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स्वास्थ्य विभाग द्वारा जुलाई में मेडिकल कॉलेज में परोसे जाने वाली चीजों के सैंपल भरे गए थे, जिसकी रिपोर्ट विभाग के पास पहुंच चुकी है। रिपोर्ट में बूंदी का सैंपल फेल पाया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने छात्रावास के मैस प्रभारी को नोटिस जारी कर दुकानदार को 30 दिन के भीतर अपना जवाब देने के लिए कहा गया है। तय सीमा में जवाब न आने पर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

महेश कश्यप, जिला खाद्य सुरक्षा नामित अधिकारी चंबा।

Posted By: Jagran