संवाद सहयोगी, चंबा : पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्र में तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। जब से भाजपा सत्ता में आई है तब से भरमौर विधानसभा क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। मंगलवार को उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरमौर में चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा जाना पड़ता है। वहीं भरमौर में टेस्ट सुविधा भी नहीं है। उपमंडल भरमौर के प्राथमिक क्षेत्र गरोला, मांदा, चूड़ी, धरवाला, किलाड़, सेचू, पुर्थी में पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है। भरमौर में भारी बर्फबारी से काफी नुकसान हुआ था। लेकिन मुआवजा भाजपा के करीबियों को दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चौरासी मंदिर भरमौर के आसपास अवैध कब्जे हो रहे हैं, लेकिन इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। आइपीएच विभाग भरमौर में पानी मुहैया करवाने में असफल हो रहा है। भरमौर में सीवरेज की गंदगी से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। चौरासी मंदिर के साथ अर्थ गंगा में भी सीवरेज की गंदगी मिल रही है। इससे भरमौर अस्पताल में पेट दर्द, डायरिया, पीलिया के मरीज उपचार करवा रहे हैं। भरमौर- पठानकोट एनएच की भी हालत काफी खस्ता है। यहां रोजाना वाहन चालकों को परेशानी पेश आ रही है। अगले माह से मणिमहेश यात्रा शुरू हो रही है लेकिन एनएच की हालत खस्ता है। भरमौर मुख्यालय से संपर्क रुटों पर भी बस सेवा को बंद कर दिया है।

Posted By: Jagran

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