चंबा, एएनआइ। Earthquake in Himachal हिमाचल के चंबा में वीरवार तड़के 4 बजकर 50 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.7 मापी गई है। भूकंप के झटकों की वजह से लोग दहशत में आ गए। फिलहाल किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।

 

क्या होता है रिक्टर स्केल  
भूकंप के समय भूमि में हुई कंपन को रिक्टर स्केल या मैग्नीट्यूड कहा जाता है। रिक्टर स्केल का पूरा नाम रिक्टर परिणाम परीक्षण ( रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल ) है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर जितनी ज्यादा होती है, भूमि में उतना ही अधिक कंपन होता है। जैसे-जैसे भूकंप की तीव्रता बढ़ती है नुकसान भी ज्यादा होता है। जैसे रिक्टर स्केल पर 8 की तीव्रता वाला भूकंप ज्यादा नुकसान करेगा। वहीं 3 या 4 की तीव्रता वाला भूकंप हल्का होगा।

भूकंप की तीव्रता के हिसाब से क्‍या हो सकता है असर 

- 0 से 1.9 की तीव्रता वाले भूकंप का पता सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही चलता है।
- 2 से 2.9 की तीव्रता वाले भूकंप से सिर्फ हल्की कंपन होती है।
- 3 से 3.9 की तीव्रता वाले भूकंप के दैरान ऐसा लगता की कोई ट्रक आपके बगल से गुजरा हो।
- 4 से 4.9 की तीव्रता वाला भूकंप खिड़कियां तोड़ सकता हैं।
- 5 से 5.9 की तीव्रता पर घर का सामान हिल सकता है।
- 6 से 6.9 की तीव्रता वाले भूकंप से इमारतों की नींव में दरार आ सकती है।
- 7 से 7.9 की तीव्रता वाला भूकंप इमारतों को गिरा सकता है।
- 8 से 8.9 की तीव्रता वाला भूकंप आने पर बड़े पुल भी गिर सकते हैं।
- 9 से ज्यादा की तीव्रता वाले भूकंप पूरी तरह से तबाही मचा सकते हैं। अगर समंदर नजदीक हो तो सुनामी भी आ सकती है।

 भूकंप के दौरान ऐसा करने से बचें

- भूकंप के दौरान लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।

- बाहर जाने के लिए लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।

- कहीं फंस गए हों तो दौड़ें नहीं।

- अगर गाड़ी या कोई भी वाहन चला रहे हो तो उसे फौरन रोक दें।

- वाहन चला रहे हैं तो पुल से दूर सड़क के किनारे गाड़ी रोक लें।

 - भूकंप आने पर तुरंत सुरक्षित और खुले मैदान में जाएं।

- भूकंप आने पर खिड़की, अलमारी, पंखे आदि ऊपर रखे भारी सामान से दूर हट जाएं।

 

Posted By: Babita kashyap

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