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चंबा के चुराह मुख्यालय भंजराड़ू में एक भी फायर हाइड्रेंट नहीं, पानी भरने 10 KM दूर दौड़ती हैं गाड़ियां

Published: Fri, 23 Oct 2026 03:05 PM (IST)

चुराह के भंजराड़ू में दीपावली से पहले अग्निशमन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं, क्योंकि यहां एक भी फायर हाइड्रेंट ...और पढ़ें

चुराह उपमंडल चुराह में नहीं हाइड्रेंट (फाइल फोटो)

चुराह उपमंडल चुराह में नहीं हाइड्रेंट (फाइल फोटो)

HighLights

  1. भंजराड़ू में एक भी फायर हाइड्रेंट मौजूद नहीं।

  2. दमकल वाहन 10 किमी दूर पानी भरने जाते हैं।

  3. दीपावली पर अग्निकांड का खतरा बढ़ा।

शकूर अहमद, तीसा। दीपों का महापर्व दीपावली नजदीक है और घाटी के बाजारों व गांवों में आतिशबाजी तथा दीयों की खरीदारी शुरू हो चुकी है। लेकिन खुशियों के इस त्योहार के बीच चुराह उपमंडल चुराह की 53 ग्राम पंचायतों के बाशिंदों के सिर पर अग्निकांड की आशंका का साया भी गहराने लगा है।

उपमंडल मुख्यालय भंजराड़ू से करीब पांच किलोमीटर दूर बैरागढ़ मार्ग पर डौंरी नामक स्थान पर एक अग्निशमन चौकी स्थापित है, लेकिन विडंबना यह है कि पूरे प्रशासनिक केंद्र भंजराड़ू में एक भी फायर हाइड्रेंट मौजूद नहीं है।

यदि किसी आपात स्थिति में दमकल वाहन का पानी खत्म हो जाए, तो उसे दोबारा भरने के लिए करीब 10 किलोमीटर दूर तरेला नाला या तीसा पुल तक दौड़ लगानी पड़ती है।

जब तक गाड़ी पानी भरकर वापस लौटती है, तब तक सब कुछ राख के ढेर में तब्दील हो चुका होता है। उपमंडल मुख्यालय भंजराड़ू में एसडीएम कार्यालय, सब-जज कोर्ट, पुलिस थाना, खंड विकास कार्यालय, नागरिक अस्पताल, तीसा कॉलेज , राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तीसा, लोनिवि, जल शक्ति और कृषि विभाग सहित सभी प्रमुख प्रशासनिक कार्यालय स्थित हैं।

इसके अलावा यहां का मुख्य बस अड्डा और मुख्य बाजार भी मौजूद है, जहां करीब चार हजार से अधिक की आबादी निवास करती है। बाजार और रिहायशी क्षेत्रों की गलियां इतनी संकरी हैं कि वहां दमकल के बड़े वाहनों का पहुंचना नामुमकिन है। त्योहारी भीड़ और पटाखों के इस मौसम में यदि कोई अनहोनी घट जाए, तो स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता न होने से भारी तबाही मच सकती है।

53 पंचायतें, एक चौकी और 40 किमी का दुर्गम सफर

चुराह घाटी की 53 पंचायतों की हजारों की आबादी का जिम्मा अकेले डौंरी स्थित इसी छोटी अग्निशमन चौकी पर टिका है। चौकी में दो ही दमकल वाहन हैं।

इनमें से एक बड़ा व एक छोटा वाहन है। चौकी से मंगली पंचायत के मंगली जैसे सुदूर गांवों की दूरी 40 किलोमीटर से भी अधिक है। संकरी और तीखी चढ़ाई वाली सड़कों पर 40 किमी का सफर तय करने में ही घंटों का समय लग जाता है।

यदि त्योहार के दौरान एक ही समय में उपमंडल के दो या तीन अलग-अलग स्थानों पर आग लग जाए, तो प्रशासन के हाथ-पांव फूल जाते हैं। ऐसी स्थिति में एनएचपीसी सुरगाणी, उपमंडल सलूणी या 60 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय चंबा से अग्निशमन वाहन मंगवाने पड़ते हैं।

बीते वर्षों में चुराह में हुए प्रमुख अग्निकांड

  • अक्टूबर 2026 को खुशनगरी पंचायत के टटोग में दो मंजिला रिहायशी मकान राख, करीब सात लाख का नुकसान।
  • जून 2026 को स्थानीय स्कूल भवन में आग लगने से स्कूल के तीन कमरे जले।
  • जून 2026 में आपसी विवाद के उपरांत दो रिहायशी मकानों में आगजनी की घटना सामने आई।
  • जनवरी 2026 में ग्रामीण क्षेत्र में अचानक भड़की आग से एक गोशाला पूरी तरह जलकर नष्ट हुई।
  • अप्रैल 2024 में शंतेवा चिल्ली पंचायत के रूंडाल में गैस सिलिंडर फटने से तीन मंजिला रिहायशी मकान जलकर राख हो गया।
  • फरवरी 2024 में कड़ाके की बर्फबारी के दौरान सुदूर चाचूल में आगजनी से तीन मकानों को भारी नुकसान पहुंचा।

दीपावली पर्व को देखते हुए अग्निशमन दल को अलर्ट पर रखा गया है। भंजराड़ू बाजार और संवेदनशील क्षेत्रों में अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल शक्ति विभाग के साथ समन्वय कर रणनीति तैयार की जाएगी। बाजार क्षेत्र में आपातकालीन पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नए हाइड्रेंट प्वाइंट चिह्नित करने और पेयजल लाइनों में फायर कनेक्शन जोड़ने को लेकर योजना तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि रिफिलिंग की दूरी कम हो सके। -आशीष कुमार, कार्यकारी एसडीएम, चुराह।

ग्राम पंचायत फंजराडू़ के प्रधान कृष्णा महाजन कहते हैं कि भंजराड़ू में हजारों की आबादी रहती है। त्योहारी सीजन में यहां भारी भीड़ रहती है। बाजार की गलियां संकरी हैं और यहां हाइड्रेंट नहीं है। ऐसे में प्रशासन से अग्निशमन व्यवस्था को पुख्ता बनाने को लेकर मांग की जाएगी।विधानसभा चुराह की हर समस्या को मैंने विधानसभा में उठाया है।

भंजराड़ू में हाइड्रेंट स्थापित किए जाने जरूरी हैं, ताकि अग्निकांड की घटना होने पर समय पर काबू पाया जा सके। सरकार की इस विषय की ओर ध्यान देने की जरूरत है। -डॉ. हंसराज, विधायक, चुराह विधानसभा क्षेत्र।

प्रदेश की कांग्रेस सरकार आम जनता के जान-माल की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह गंभीर और संवेदनशील है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में दुर्गम क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है। चुराह में अग्निशमन व्यवस्था को अपग्रेड करने, भंजराड़ू मुख्यालय में नए हाइड्रेंट लगाने और तंग रास्तों के लिए छोटे दमकल वाहन उपलब्ध करवाने का मामला सरकार और संबंधित विभाग के समक्ष प्राथमिकता से उठाया जाएगा। -यशवंत खन्ना, प्रदेश महासचिव, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी।