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हिमाचल के चंबा में स्कूल जा रहे शिक्षक पर भालू ने किया अटैक, हालत गंभीर; इलाके में दहशत

Published: Fri, 23 Oct 2026 11:26 AM (IST)

चंबा के भताल गांव में स्कूल जा रहे शिक्षक राजेश कुमार पर मादा भालू ने हमला कर गंभीर रूप से ...और पढ़ें

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HighLights

  1. शिक्षक राजेश कुमार पर भालू का खूनी हमला

  2. गंभीर घायल शिक्षक चंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती

  3. ग्रामीणों में दहशत, भालू पकड़ने की मांग

संवाद सहयोगी, मैहला। विकास खंड मैहला की ग्राम पंचायत ब्रेही के भताल गांव में वीरवार सुबह भालू के खूनी हमले में एक सरकारी शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल शिक्षक को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा पहुंचाया गया, जहां विशेषज्ञ डाक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। इस अचानक हुए जंगली जानवर के हमले के बाद ब्रेही, भताल और आसपास के समूचे ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल बन गया है।

जानकारी के अनुसार, शिक्षक राजेश कुमार वीरवार सुबह अपने घर से रोजाना की तरह स्कूल में अपनी ड्यूटी पर जा रहे थे। जैसे ही वह भताल गांव के समीप सुनसान पहाड़ी पगडंडी से गुजरे तो झाड़ियों में छिपी मादा भालू ने उन पर अचानक हमला बोल दिया।

इससे पहले कि राजेश कुमार संभल पाते, भालू ने उन्हें जमीन पर पटक दिया और उनके मुंह व हाथ-पांव पर पंजों से गहरे जख्म कर दिए। शिक्षक की चीख-पुकार सुनकर खेतों में काम कर रहे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर तुरंत मौके की ओर दौड़े। ग्रामीणों के भारी शोर मचाने के बाद मादा भालू जंगल की ओर भाग निकली।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने घायल शिक्षक को पालकी और पीठ के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जहां से उन्हें निजी वाहन के जरिए मेडिकल कॉलेज चंबा लाया गया।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की फील्ड टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। भालू के इस आक्रामक हमले के बाद क्षेत्र में बच्चों को स्कूल भेजने और महिलाओं के घास-लकड़ी लेने जंगल जाने को लेकर भारी खौफ पैदा हो गया है।

ग्राम पंचायत ब्रेही के ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि आदमखोर प्रवृत्ति दिखा रहे इस भालू को पकड़ने के लिए तुरंत पिंजरा लगाया जाए। उधर, डीएफओ चंबा कृतज्ञ कुमार ने कहा कि कर्मचारियों को भालू को दूर जंगल में खदेड़ने के निर्देश दिए जाएंगे। ग्रामीणों से अपील है कि वे सुबह-शाम अकेले जंगल के रास्तों पर जाने से बचें और सतर्कता बरतें।