मुर्गीपालन से किसान बनेंगे आत्मनिर्भर, चंबा में 45 किसानों को बांटे गए चूजे; होगी बंपर कमाई
नाबार्ड के सौजन्य से स्पार्क संस्था ने चंबा में किसान सशक्तिकरण कार्यशाला आयोजित की।

मुर्गीपालन से किसान बनेंगे आत्मनिर्भर (फाइल फोटो)
HighLights
किसान सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन कार्यशाला आयोजित
लाभार्थी किसानों को मुर्गी पालन के चूजे वितरित
ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने हेतु आयवर्धक गतिविधियां
जागरण संवाद केद्र, चंबा। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सौजन्य से स्पार्क संस्था ने घराटनाला जलागम परियोजना के तहत किसान सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन कार्यशाला आयोजित की गई।
कृषि और पशुपालन आधारित आजीविका के जरिए किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर देना और ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किसानों को प्रेरित करने व कार्य को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य आयोजित कार्यशाला में 45 किसानों ने भाग लिया।
इस मौके पर स्पार्क संस्था के संस्थापक प्रदीप आजाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने चयनित लाभार्थी किसानों को पोल्ट्री चूजे वितरित किए। उन्होंने कहा कि किसानों को खेती के साथ अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ना ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बताया कि स्पार्क संस्था पिछले तीन वर्षों से परियोजना के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जिनसे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
उन्होंने परियोजना की गतिविधियों और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जलागम परियोजना का लक्ष्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने के साथ किसानों की आजीविका मजबूत करना, ग्रामीण समुदाय को आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने लाभार्थियों से पोल्ट्री पालन को व्यवस्थित रूप से अपनाकर पारिवारिक आय बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक मनोज शर्मा, लक्की शर्मा, राजेश कुमार, अंकित शर्मा के अलावा ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, जलागम समिति के सदस्य, परियोजना से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय किसान उपस्थित रहे।
