युवा नौकरी तलाशने के बजाय खुद बनें उद्यमी, हिमाचल के चंबा में होंगे 8 से 10 नए प्रशिक्षण कार्यक्रम
चंबा में उद्योग विभाग और निटकान द्वारा आयोजित उद्यमिता विकास कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने एआई, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग सीखी।

युवा नौकरी तलाशने के बजाय खुद बनें उद्यमी (फाइल फोटो)
HighLights
एआई, ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया
स्वरोजगार स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने पर जोर
चंबा में 8-10 अतिरिक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे
जागरण संवाददाता, चंबा। ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आजीविका के लिए सिर्फ नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय खुद का व्यवसाय स्थापित कर दूसरों को रोजगार देने वाला बनना होगा।
उत्पादों की सही ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का व्यावसायिक उपयोग और सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ उठाकर जमीनी स्तर पर सफल उद्यम खड़े किए जा सकते हैं।
इसी उद्देश्य को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए आगामी महीनों में चंबा जिला के विभिन्न क्षेत्रों में आठ से 10 अतिरिक्त तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
यह रणनीति सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की रैंप योजना के तहत उद्योग विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से प्रायोजित और निटकान लिमिटेड की ओर से कार्यान्वित तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम के दौरान साझा की गई।
विकास खंड कार्यालय तीसा के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों के सदस्यों सहित 23 प्रतिभागियों ने भाग लेकर व्यावसायिक कौशल का व्यावहारिक ज्ञान हासिल किया। प्रशिक्षण के दौरान विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को व्यावसायिक अवसरों की पहचान, बिजनेस प्लान तैयार करने, उद्यम पंजीकरण और उत्पादों के उचित मूल्य निर्धारण के गुर सिखाए।
संवादात्मक सत्रों में प्रतिभागियों ने अपने व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किए, जिन्हें विशेषज्ञों ने धरातल पर उतारने के लिए परिष्कृत किया। इस दौरान शुभम शर्मा ने कहा कि युवा उद्यमिता को करियर विकल्प के रूप में अपनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
वहीं खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) तीसा गोपाल सिंह ने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और अन्य सरकारी मिशनों के तहत मिलने वाले वित्तीय व संस्थागत सहयोग की जानकारी दी। अंत में सभी 23 सफल प्रतिभागियों को उद्योग विभाग की ओर से प्रशिक्षण पूर्ण करने के प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
