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मणिमहेश डल झील में राधाष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 20 हजार श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी; देव छड़ियों संग वापसी शुरू

Published: Sat, 19 Sep 2026 08:54 PM (IST)

उत्तर भारत की विख्यात श्री मणिमहेश यात्रा के राधाष्टमी पर्व पर करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने 13,500 फीट ऊंची डल ...और पढ़ें

मणिमहेश डल झील में राधाष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब। फोटो जागरण

मणिमहेश डल झील में राधाष्टमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब। फोटो जागरण

HighLights

  1. राधाष्टमी पर्व पर मणिमहेश डल झील में 20 हजार श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।

  2. पूरी यात्रा के दौरान 55 हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके।

  3. श्रद्धालु अब पारंपरिक देव छड़ियों के साथ भरमौर की ओर लौट रहे हैं।

संवाद सहयोगी, भरमौर (चंबा)। उत्तर भारत की विख्यात एवं ऐतिहासिक श्री मणिमहेश यात्रा के प्रमुख पड़ाव राधाष्टमी पर्व पर करीब 20 हजार श्रद्धालुओं ने 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र डल झील में आस्था की डुबकी लगाई। जबकि, संपूर्ण यात्रा के दौरान करीब 55 हजार से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं।

शुक्रवार को सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार शिव चेलों की ओर से विधि-विधान से डल झील पार करने के बाद शुरू हुआ पावन स्नान शनिवार को भी दिन भर जारी रहा। भगवान शिव के जयकारों के बीच पावन स्नान और मणिमहेश कैलाश के दर्शन करने के उपरांत अब श्रद्धालुओं का हुजूम वापस लौटने लगा है।

हजारों श्रद्धालु पहुंचे मणिमहेश

पंजीकरण और यात्रा आंकड़ों के अनुसार 14 सितंबर को 2,985, 15 सितंबर को 2,605 तथा 16 सितंबर को 3,852 श्रद्धालु मणिमहेश की ओर रवाना हुए थे। 17 सितंबर को मौसम के खराब मिजाज के बावजूद अनुमानित 7 हजार श्रद्धालु व शिव चेले डल झील पहुंचे। इस तरह 14 से 17 सितंबर के बीच ही 16,442 श्रद्धालु डल झील पहुंच चुके थे, जो मुख्य स्नान के लिए विभिन्न पड़ावों पर डटे रहे।

इसके बाद दूसरे दिन शनिवार को भी करीब चार हजार यात्रियों ने डल में स्नान किया, जिससे राधाष्टमी पर स्नान करने वाले कुल शिवभक्तों की संख्या करीब 20 हजार तक पहुंच गई।

सुरक्षा दल यात्रा मार्ग पर मुस्तैद

उधर, एडीएम भरमौर विकास शर्मा ने बताया कि पवित्र डल झील में स्नान और पूजा-अर्चना के बाद अधिकांश श्रद्धालुओं ने भरमौर की ओर वापसी का रुख कर लिया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पारंपरिक देव छड़ियों के साथ पैदल वापसी कर रहे हैं। यात्रा के इस चरण के शांतिपूर्ण समापन को देखते हुए प्रशासन व सुरक्षा दल मार्ग पर लगातार मुस्तैद हैं।