यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संस्कृत अध्यापकों को भी दी जाए पदोन्नति
संवाद सहयोगी, चंबा : हिमाचल प्रदेश राजकीय शिक्षक परिषद जिला चंबा की ओर से शनिवार को राजकीय वरिष्ठ मा

संवाद सहयोगी, चंबा : हिमाचल प्रदेश राजकीय शिक्षक परिषद जिला चंबा की ओर से शनिवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (कन्या) चंबा में एक बैठक का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष अमर ¨सह ने की। बैठक में परिषद ने पदोन्नत संस्कृत अध्यापक तिलक राज, कैलाश चंद, दीना नाथ व योग राज को सम्मानित किया। इस दौरान सभी अध्यापकों ने विचार रखे। संस्कृत अध्यापकों ने सरकार से मांग की कि शास्त्री अध्यापकों को टीजीटी संस्कृत बनाया जाए तथा उन्हें पदोन्नति का लाभ भी दिया जाए, क्योंकि संस्कृत अध्यापक एक पद पर रहते हुए ही सेवानिवृत्त हो जाता है। इसलिए योग्य अध्यापकों को पदोन्नत किया जाना चाहिए।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मई 2017 में संस्कृत शिक्षक सम्मेलन किया जाए तथा संस्कृत अध्यापकों को परिषद से जोड़ा जाए। यदि इसके लिए परिषद को किसी भी प्रकार की सहायता चाहिए तो संस्कृत अध्यापक सहायता देने के लिए तैयार हैं।
अध्यापकों ने कहा कि वे काफी समय से अपनी पदोन्नति की मांग कर रहे हैं। लेकिन अभी तक मांगों को पूरा नहीं किया गया है, इस कारण संस्कृत अध्यापकों को महज निराशा ही हाथ लग रही है। अध्यापक काफी वर्षो से अपनी पदोन्नति के लिए इंतजार करते आ रहे हैं। कई अध्यापक तो बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो गए हैं। यदि अध्यापकों को पदोन्नति दी जाती है तो उन्हें अन्य अध्यापकों की तरह लाभ मिलेगा।
बैठक में परिषद महामंत्री हेम ¨सह, कोषाध्यक्ष चमन लाल, सीएंडवीके प्रधान चतर ¨सह, सरन दास, लक्ष्मी, सुदर्शन, अंबिका, प्रदीप, डोली, अर¨वद, प्रदीप, अंबिका प्रसाद, राजेश प्रसाद सहित परिषद से अन्य सदस्यों ने भाग लिया।
