जागरण संवाददाता, बिलासपुर : जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों में किसानों की लंबे समय से बंजर पड़ी भूमि पर अब लीची और संतरे की फसल उगेगी। उद्यान विभाग के तहत एशियन डेवलपमेंट बैंक की ओर से शुरू किए गए शिवा प्रोजेक्ट में चार अलग-अलग स्थानों पर लगभग 200 किसान परिवारों की जमीन पर हजारों के हिसाब से संतरे और लीची के पौधे लगाए जाएंगे। अगले तीन से चार वर्षो के बीच में इन पौधों में फल आना शुरू हो जाएंगे। शिवा प्रोजेक्ट के तहत इन पौधों को सोलर सिस्टम के तहत फेंसिंग से संरक्षित किया गया है और साथ में किसानों की ही एक समिति बनाकर आने वाले समय में इनमें लगने वाले फलों की विक्रय को भी सुनिश्चित किया जाएगा।

बड़ी बात यह है कि इन पौधों पर लगने वाले फलों के विपणन के लिए शिवा प्रोजेक्ट के तहत ही आधुनिक गोल्ड चेन सिस्टम के तहत मार्केटिंग श्रृंखला भी विकसित की जाएगी। इससे आने वाले समय में इन किसान परिवारों की आर्थिकी दिन दुगनी रात चौगुनी होने की संभावनाएं विकसित हो गई हैं।

प्रोजेक्ट के डिप्टी प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवेंद्र ठाकुर ने कहा है कि किसानों को फलों की मार्केट से सीधे जोड़ने और उन्हें फलों की पैदावार बढ़ाने के संबंध में जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाएगी। विभाग के मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह की ओर से कुछ वर्ष पहले निचले हिमाचल के क्षेत्र में फलों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और इसके जरिए किसानों की आर्थिक तस्वीर बदलने के लिए यह प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है।

तलवाड़ा में 10 हेक्टेयर भूमि पर लगाए संतरे के पौधे

डॉक्टर देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि शिवा प्रोजेक्ट के तहत बिलासपुर में तलवाड़ा में 10 हेक्टर में संतरे के पौधे लगाए गए हैं, इसी तरह घुमारवीं उपमंडल के तहत आने वाले लंजता इलाके में भी किसानों ने एक कलेक्टर तैयार करके कुल 10 हेक्टेयर जमीन पर लीची के पौधे रोपे हैं। नयनादेवी विधानसभा हलके के तहत आने वाले मझेड़ और धलेट इलाकों में भी इसी तर्ज पर 10- 10 हेक्टर में संतरे के पौधे रोप दिए गए हैं अब तक लगभग 25000 पौधे इन चारों क्लस्टर में रोप दिए गए हैं। अभी तक तो सिर्फ 200 किसान परिवारों को ही से जोड़ा गया है लेकिन अगले वर्ष तक इसे और सैकड़ों परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

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