संवाद सहयोगी, घुमारवीं : निजी बस ऑपरेटर यूनियन बिलासपुर ने रविवार को बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। सभी ने सोमवार को प्रस्तावित हड़ताल का समर्थन किया। यूनियन के प्रधान राजेश पटियाल की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह घुमारवीं में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो निजी बस ऑपरेटर उग्र रास्ता अपनाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। बैठक में हड़ताल को लेकर रूपरेखा तैयार की तथा आगामी रणनीति पर चर्चा की। यूनियन के पदाधिकारियों ने चेताया कि यदि एचआरटीसी अपने निर्धारित रूटों के अलावा दूसरे रूटों पर बसें चलाती है तो उसका विरोध होगा तथा इसके लिए एचआरटीसी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

यूनियन के प्रधान राजेश पटियाल ने कहा कि डीजल के बढ़ते दामों के कारण बसों को चलाना मुश्किल हो गया है। सरकार से कई बार किराया बढ़ाने की मांग कर चुके हैं लेकिन इस और कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इस कारण निजी बस ऑपरेटरों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार लोकल किराया दस रुपये तथा किराये में पचास फीसद की वृद्धि नहीं करती है तब तक हड़ताल जारी रखेंगे। बस संचालकों का आम लोगों को परेशान करने का कोई मकसद नहीं है लेकिन अब उन्हें मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ रहा है। हालांकि बस मालिक पहले दो दिन शांतिप्रिय ढंग से बसें बंद रखकर अपनी मांगों को पूरा करवाने की कोशिशें करेंगे। यदि सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो यूनियन आगामी कदम उठाने अर्थात संघर्ष का रास्ता अपनाने पर विवश होगी। इस अवसर पर राहुल चौहान, रणवीर सेन, अमरजीत सेन, अर्पण संत, हरगोपाल भंडारी, तरसेम, तेजपाल शर्मा, सुधीर चंदेल, चमन शर्मा, बलजीत कश्यप, विनय पुरी, पंकज, अमीन गुलाम सहित 70 बस मालिक उपस्थित रहे।

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