जागरण संवाददाता, बिलासपुर : जिला परिषद के नम्होल वार्ड में भाजपा व कांग्रेस की लड़ाई के बीच सभी की निगाहें पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर पर टिकी हैं। कुलदीप ठाकुर की पृष्ठभूमि भाजपा से रही है, लेकिन उन्हें भाजपा की ओर से राजनीति से दूर रखने की कोशिश हुई तो वह आजाद उम्मीदवार के रूप में मैदान में कूद पड़े और जीत हासिल की। आज से दस वर्ष पूर्व भी उन्होंने इसी अंदाज में कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार ओपी गौतम को हराया था। भाजपा को भी यहां से हार का मुंह देखना पड़ा था।

कुलदीप ठाकुर अपने प्रबंधन के बूते ही जिला परिषद के अध्यक्ष पद तक जा पहुंचे थे। उन्हें हटाने के लिए भाजपा सरकार में ढाई साल बाद एक बार फिर से कोशिशें हुईं लेकिन वे सभी असफल रही। इस बार भी वह कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार ओपी गौतम के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। भाजपा की और से यहां से प्रेम सिंह ठाकुर को समर्थन दिया गया है।

नम्होल जिला परिषद सीट पर इस बार सभी की नजरें हैं। यहां पूर्व मंत्री राम लाल ठाकुर के घर भी हैं और राम लाल ठाकुर का अपना प्रभाव इस इलाके में है। कांग्रेस की ओर से ओपी गौतम को चुनाव मैदान में उतारा गया है। वह पिछली बार भी आजाद उम्मीदवार कुलदीप ठाकुर से ही चुनावी मात खा गए थे। ओपी गौतम पेशे से वकील हैं। उनकी भी अपनी मजबूत साख है, इसमें कोई दो राय नहीं है क्योंकि वह पिछले कई वर्षो से राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में सदर पंचायत समीति के अध्यक्ष भी हैं। नरम स्वभाव के ओपी गौतम सामाजिक जीवन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इस बार वह नए तेवर के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। कुलदीप ठाकुर इस चुनाव में बतौर जिला परिषद अध्यक्ष अपने कामकाज को लोगों को याद दिला रहे हैं।

प्रेम सिंह ठाकुर भी भाजपा के काडर वोट को साथ लेकर चल रहे हैं। उनके पीछे रणधीर शर्मा खड़े हैं। रणधीर शर्मा की ओर से उन्हें रणनीतिक मदद भी की जा रही है और पूरा समर्थन दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि यहां तिकोना मुकाबला होगा। कांग्रेस ने इस बार किसी उम्मीदवार को अपने पक्ष में बिठाकर भी चुनाव का रुख मोड़ने की कोशिश की है।

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