संवाद सहयोगी, स्वारघाट : ग्राम पंचायत कुटेहला के गांव अपर पंगा के लोगों को अभी भी सड़क सुविधा के तरसना पड़ रहा है। हालांकि पंचायत प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर काथला से अपर पंगा गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने का कार्य गत वर्ष किया था। सड़क सही ढंग से नहीं बनने के कारण लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पाया है। उल्टा लोगों की उपजाऊ जमीन बर्बाद होकर रह गई है। लोगों का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा गांवों को सड़कों से जोड़ने पर काफी जोर दिया जा रहा है। इनका कार्य मनरेगा के तहत पंचायतें करवाती हैं लेकिन इन सड़कों के निर्माण में किसी तरह का कोई पैमाना पंचायत के पास नहीं होता। सड़कों को जहां से मन करता है निकाल दिया जाता है, फिर वहां से गाड़ी निकले या ना निकले, इससे पंचायत प्रशासन को कोई फर्क नही पड़ता। ----------------------

राजेन्द्र कुमार ठाकुर का कहना है कि पंचायत द्वारा साढ़े चार लाख रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क का गांव के लोगों को लाभ नहीं मिला है। सड़क सही ढंग से नहीं बनाई गई है। लोगों की उपजाऊ जमीन बर्बाद हो गई है। सड़क पर गाड़ी चलाना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है।

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ज्योति कुमार ठाकुर का कहना है कि गांव काथला को जोड़ने के लिए पूर्व पंचायत द्वारा बनाई गई सड़क भी वाहन योग्य सड़क है लेकिन इससे आगे अपर पंगा गांव को जोड़ने वाली सड़क पहली ही बरसात सहन नहीं कर पाई है। इसका गांव के लोगों को लाभ नही मिला है।

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कृष्णपाल ठाकुर का कहना है कि काथला से अपर पंगा गांव के लिए निकाली गई संपर्क सड़क के निर्माण कार्य में कोताही बरती गई है। इस कारण इस पर गाड़ी ले जाना तो दूर की बात पैदल भी नहीं जाया जा सकता है। सड़क निर्माण कार्य की जांच होनी चाहिए।

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रामलाल का कहना है कि जब सरकार द्वारा पंचायतों को किसी भी काम की जिम्मेवारी सौंपती है तो उसके निर्माण कार्य में अगर कोई खामी पाई जाती है तो उसकी जवाबदेही भी पंचायत की तय की जानी चाहिए। अब काथला से अपर पंगा के लिए लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

Posted By: Jagran