संवाद सहयोगी, कुठेड़ा : बिलासपुर जिला के कुठेड़ा में हुए जनमंच कार्यक्रम में लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार के समक्ष समस्याएं रखी। कार्यक्रम की शुरुआत में मैहरीं काथला क्षेत्र के डिपुओं में केरोसिन तेल के वितरण को लेकर भेदभावपूर्ण रवैये पर लोगों ने आवाज उठाई। लोगों ने कहा कि इस इलाके में निजी दुकानदारों को तीन तेल का डिपो दिए गए हैं जहां से सिर्फ चहेतों को ही केरोसिन तेल दिया जाता है। आवाज उठाएं तो इन डिपोधारकों का कहना है कि वह राजनीतिक तौर पर पहुंच रखते हैं और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। इस पर मंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच करवाई जाए।

एक महिला के साथ एचआरटीसी के कंडक्टर की ओर से की गई बदतमीजी पर क्षेत्रीय प्रबंधक की ओर से कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के मामला भी उठाया। एक पंचायत की महिला ने उसे उज्ज्वला योजना का लाभ न मिलने का सवाल उठाया। विधायक सुभाष ठाकुर ने विभाग के इंस्पेक्टर से इस मामले में जानकारी लेनी चाही तो यह इंस्पेक्टर सदर विधानसभा क्षेत्र के मामले में आंकड़े और जानकारियां मुहैया कराने के बजाय घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के जानकारियां मंच से रखने लगा। विधायक सुभाष ठाकुर ने इंस्पेक्टर से पूछा कि वह बताएं कि उन्होंने सदर चुनाव क्षेत्र में आज तक उज्ज्वला योजना को लेकर कितने कार्यक्रमों का आयोजन किया है? इंस्पेक्टर ने कहा कि ऐसा कार्यक्रम नहीं हुआ है। कुछ लोगों ने पटवारियों की ओर से की जाने वाली मनमानी को लेकर शिकायत की। मैहरीं काथला पंचायत के उप्रधान देशराज चंदेल ने लावारिस पशुओं का मुद्दा उठाया। परनाल गांव के गोपाल शर्मा ने बताया कि काफी समय से घर के सामने एक पेड़ को काटने को लेकर वन विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता यूनियन की अध्यक्ष नीलम शर्मा ने बताया कि 1999 से लेकर 2012 तक राज्य सरकार ने फीमेल हेल्थ वर्कर की नियुक्ति नहीं की है।

Posted By: Jagran