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बिलासपुर में उत्तर पुस्तिका छेड़छाड़ मामला: कलेक्शन सेंटर स्टाफ पर गिरेगी गाज, फॉरेंसिक रिपोर्ट ने खोली पोल

Published: Sat, 04 Apr 2026 06:18 AM (IST)

बिलासपुर के झंडूता स्कूल में दसवीं कक्षा की ड्राइंग उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट ...और पढ़ें

उत्तर पुस्तिका से छेड़छाड़ में कलेक्शन सेंटर स्टाफ की मुश्किल बढ़ी

उत्तर पुस्तिका से छेड़छाड़ में कलेक्शन सेंटर स्टाफ की मुश्किल बढ़ी

HighLights

  1. फॉरेंसिक रिपोर्ट ने उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ की पुष्टि की

  2. कलेक्शन सेंटर स्टाफ की मुश्किलें बढ़ीं, जांच टीम गठित

  3. मेधावी छात्र मेरिट से बाहर, अभिभावकों ने कार्रवाई मांगी

जागरण संवाददाता, बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झंडूता में मार्च 2025 में हुई दसवीं कक्षा की ड्राइंग विषय की उत्तर पुस्तिका से छेड़छाड़ मामले में उत्तर पुस्तिका कलेक्शन सेंटर के स्टाफ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

प्रभावित परीक्षार्थियों और स्वजन ने उनके पास उपलब्ध फॉरेंसिक रिपोर्ट में उत्तर पुस्तिका में छेड़छाड़ की पुष्टि का दावा करते हुए कहा कि सभी दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। स्वजन देशराज, विक्की, भोली देवी और संजय गौतम ने शुक्रवार को कहा कि रिपोर्ट में उत्तर पुस्तिकाओं में लिखाई और उत्तरों के साथ छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है। इसके कारण कई मेधावी छात्र मेरिट सूची से बाहर हो गए।

उनका आरोप है कि ऐसा केवल ज्योरा स्कूल के 11 विद्यार्थियों के साथ हुआ, जिससे संदेह और गहराता है। गंभीर घटना के बावजूद एक वर्ष बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्वजन व छात्रों ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव से मांग की है कि निष्पक्ष और गहन जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस मौके पर अंकित कुमार, मोनिका, अंजली, श्रेष्ठा भारती, शालिनी, निधि शर्मा, अक्षय कुमार भी मौजूद रहे। उनका दावा है कि परीक्षार्थियों की उतर पुस्तिकाओं में किसी अन्य ने सही उत्तर काटकर गलत लिखे थे। अब हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड जांच करेगा कि कलेक्शन सेंटर में यह अपराध किस स्तर पर और किसने किया है, इसके लिए जांच टीम भी गठित की गई है।

उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर की कार्यकारी उपनिदेशक नरेश चंदेल ने बताया कि उन्हें एक दिन पूर्व ही प्रभार दिया गया है। इस मामले में विभागीय कार्रवाई की अभी जानकारी नहीं है, लेकिन पता किया जाएगा। शिक्षा बोर्ड की जांच में उत्तर पुस्तिकाओं व लिफाफे पर यूनिक आईडी नंबर अलग-अलग पाए गए हैं।

यह था मामला

शिक्षा बोर्ड ने वार्षिक परीक्षाओं के लिए बिलासपुर जिले के वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झंडूता को केंद्र व कलेक्शन सेंटर बनाया था। झंडूता के तहत राजकीय उच्च पाठशाला ज्योरा के विद्यार्थियों ने झंडूता स्कूल में परीक्षाएं दीं। जब उनका परिणाम आया तो ज्योरा स्कूल की छात्राओं के ड्राइंग को छोड़कर अन्य सभी विषयों में उनके 90 से अधिक अंक थे, जबकि ड्राइंग में 70 से 72 के बीच अंक थे। परिणाम से असंतुष्ट होने के कारण उन्होंने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया, जिसमें उनका एक ही अंक बढ़ा। इसके बाद उन्होंने आरटीआइ से उत्तर पुस्तिका मांगी, प्रतिलिपि आने पर उन्हें पता चला कि उनकी उत्तर पुस्तिका से छेड़छाड़ हुई है।

वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झंडूता में परीक्षा देने वाले ज्योरा स्कूल के विद्यार्थियों की ड्राइंग की उत्तर पुस्तिकाओं की फोरेंसिक रिपोर्ट शिक्षा बोर्ड के पास आ गई है। अधीनस्थ कर्मचारियों को रिपोर्ट का अध्ययन करने के लिए कहा गया है। कर्मचारी इसकी रिपोर्ट पहले मुझे देंगे। विभागीय टिप्पणी के साथ रिपोर्ट शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष को सौंपेंगे, अंतिम फैसला बोर्ड अध्यक्ष ही लेंगे। - डॉ. मेजर विशाल शर्मा, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला।