संवाद सहयोगी, बम्म : हटवाड पंचायत के बाग गांव से श्मशानघाट के लिए जाने वाले रास्ते की हालत बेहद खराब है। यह रास्ता बाग गांव से होकर कंज्याण, कोट और टांडा गांव के लोगों का मुख्य रास्ता है। सड़क के मध्य पड़ने वाला नाला बरसात में लोगों का गांव से संपर्क तोड़ देता है। हटवाड़ गांव का पानी इस नाले से होकर गुजरता है जिससे गांव में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के दौरान शव को श्मशानघाट तक ले जाना चुनौती भरा हो जाता है। स्थानीय लोगों ने श्रमदान कर रास्ते को चलने योग्य बनाया जाता है लेकिन अब अपनी हालत पर आंसू बहा रहा है। थानीय लोगों ने गुहार लगाई है कि नाले के ऊपर पुली बनाकर समस्या का समाधान हो।

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शेर ¨सह का कहना है कि रास्ता ठीक न होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात में दिक्कतें और ज्यादा बढ़ गई हैं।

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आस्था देवी का कहना है कि बरसात के मौसम में पूरा गांव का संपर्क टूट जाता है। बच्चों को भी स्कूल नहीं भेज सकते हैं इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।

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यशोदा देवी का कहना है कि गांव में कोई बीमार हो जाता है या फिर गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाना हो तो काफी मुश्किलें आती हैं।

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देशराज का कहना है कि यदि गांव में किसी की मृत्यु हो जाती है तो शव को श्मशानघाट तक पहुंचाना काफी मुश्किल हो जाता है।

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जिला पार्षद हटवाड सुभाष ठाकुर का कहना है कि यदि समस्या का निस्तारण नहीं होता है तो बजट का प्रावधान कर इसे दूर किया जाए।

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बीडीसी हटवाड नीलम ठाकुर का कहना है कि यह एक गंभीर समस्या है। उपायुक्त बिलासपुर को भी पत्र दिया जाएगा ताकि बजट का प्रावधान हो सके और लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके।

Posted By: Jagran