संवाद सहयोगी, डंगार : घुमारवीं उपमंडल के डंगार लैहड़ी-लदरौर सड़क की हालत खस्ता हो गई है। सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे बने हुए हैं। कई जगह से टा¨रग का नामोनिशान भी मिट चुका है। सड़क पर वाहन चलाना सतरे से खाली नहीं है। इस कारण परिवहन व्यवस्था चरमराई हुई है। ग्रामीण क्षेत्र में सड़क की हालत ज्यादा खस्ता है।

डंगार-लदरौर मार्ग दो साल से खस्ताहालत है। इस कारण वाहन चालकों को हर समय हादसा होने का डर सताता रहता है तथा दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं लेकिन विभाग कोई सुध नहीं ले रहा है। कुछ दिन पहले हुई बारिश के कारण सड़क में पड़े गढ्ढो में जहां निजी बसों के पुर्जे टूट रहे हैं वहीं हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों की हालत पहले से खटारा होने के चलते इन सड़कों पर जवाब दे रही हैं। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों द्वारा सड़क के गड्ढों को मिट्टी से भर दिया जाता है। थोड़ी सी बारिश होते ही फिर से वही हाल हो बन जाता है। इससे ऐसा लगता है जैसे शायद प्रशासन खानापूर्ति करके किसी हादसे का इंतजार में बैठा है। लोगों का कहना है कि अगर यहां कोई हादसा हो जाता है तो क्या उसके लिए सड़कें ही जिम्मेदार हैं। वाहनों व बस मालिकों के हो रहे नुकसान को रोकने में विभागीय सिस्टम पूरी तरह से फेल हो रहा है। लापरवाही से सड़क हादसों में जानें भी सकती हैं। इसके बावजूद जिला में लोक निर्माण विभाग भी सड़क हादसों को लेकर कोई सबक नहीं ले रहा है। उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनोहर लाल का कहना है कि बरसात में सड़कों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है। शीघ्र ही समस्या के समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे।

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