संवाद सहयोगी, बिलासपुर : पूर्व मंत्री एवं श्रीनयना देवी विस क्षेत्र के विधायक रामलाल ठाकुर ने कैबिनेट में हुए विभिन्न सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर की जाने वाली भर्ती के फैसले पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले से ईमानदारी का दंभ भरने वाली जयराम ठाकुर सरकार में भ्रष्टाचार, लोगों के हितों से खिलवाड़ और सरकारी खजाने पर डाका पड़ने वाला है। इस मामले को उन्होंने विधानसभा में उठाने और इस पर पुनर्विचार न होने पर विधानसभा को न चलने देने की भी चेतावनी दी।

मंगलवार को बिलासपुर में पत्रकारों से बातचीत में विधायक रामलाल ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में निर्णय लिया है कि प्रदेश में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की भर्ती आउटसोर्स से की जाएगी। इसके लिए सरकार ने कुछ लोगों की नियुक्ति की है जो हर विस क्षेत्र में जाकर विधायकों व पूर्व विधायकों के चहेतों की सूची बना रहे हैं और हर विस क्षेत्र से 15-15 चेहतों की सूची तैयारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि उनके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं और एक व्यक्ति की ऑडियो रिकॉर्डिग भी मौजूद है, जिसमें वह किसी अभ्यर्थी को यह कह रहा है कि सूची में बगैर मंत्री की इजाजत से कोई भी बदलाव नहीं हो सकता। ऐसे में प्रदेश सरकार की ईमानदारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के दावों पर भी सवाल उठ गए हैं।

रामलाल ठाकुर ने बताया कि आइपीएच विभाग में करीब एक दशक से ठेकेदारों के माध्यम से हजारों कर्मचारी पेयजल योजनाओं के संचालन के लिए तैनात किए गए हैं। इस मौके पर सदर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तेजस्वी शर्मा व कांग्रेस नेता प्रवीण शर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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