संवाद सहयोगी, डंगार चौक : मान्यता प्राप्त कंप्यूटर डिप्लोपा होल्डरों ने सरकार से जूनियर ऑफिस एसीस्टेंट (जेओएस) कीपरीक्षा के लिए बनाए गए आरएंडपी नियमों में परिवर्तन न करने की मांग की है। डिप्लोपा होल्डरों का कहना है कि हाईकोर्ट ने भी भर्तियों को आरएंडपी नियमों के तहत ही करने के निर्देश जारी किए हैं। बहुत से अभ्यर्थियों ने बिना मान्यता प्राप्त संस्थानों से कंप्यूटर में डिप्लोमा लिया है। यदि आरएंडपी नियमों में परिवर्तन किया जाता है तो मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिप्लोपा करने वाले युवकों के साथ धोखा होगा। किसी भी पद को भरने के लिए शक्षणिक योग्यता ही मूल आधार होता है। यदि इसमें कोताही बरती जाए तो अयोग्य व्यक्ति उपरोक्त पदों पर आसीन हो जाएगा। उपरोक्त पदों की पूरी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। इसमें बदलाव न किया जाए अन्यथा काबिल छात्रों से अन्याय होगा। कुछ अभ्यर्थियों द्वारा सरकार को गुमराह किया गया है कि 3000 बच्चों का भविष्य दावों पर है लेकिन हकीकत में काफी बड़ी सख्यां में मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिप्लोमा, डिग्री प्राप्त धारक विद्यार्थी नौकरी की तलाश में हैं।

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