संवाद सहयोगी, बिलासपुर :

जिले के सरकारी स्कूलों सर्दियों के मौसम बच्चों को ठंड से बचाने के लिए विभाग के कोई विशेष प्रबंध नहीं है। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए कोई भी विशेष बजट स्कूलों को नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा कोयले की अंगीठी पर प्रतिबंध है और बिजली बिल के भुगतान का स्कूलों के पास कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि अनौपचारिक रूप से स्कूल मुखिया अपने स्तर पर बच्चों को ठंड से बचाने के लिए इंतजाम करते हैं, लेकिन यह इंतजाम भी नाकाफी ही साबित होते हैं। बारिश के दौरान जब ठंड का प्रकोप बढ़ जाता है तो स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति का ग्राफ भी नीचे गिर जाता है। ठंड से बचाव के लिए स्कूलों को कोई विशेष बजट दिए जाने का प्रावधान नहीं है। स्कूल मुखिया अपने स्तर पर यह प्रबंध करते हैं। हर साल सरकार व प्रशासन इसके लिए उपयुक्त व्यवस्था करने के बड़े बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन सर्दियां शुरू होने पर इस मामले पर सरकार कुछ भी करने में नाकाम साबित होती है।

वहीं, उप निदेशक उच्च शिक्षा अमर सिंह व उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सुदर्शन सिंह ने बताया कि सर्दी के मौसम में स्कूलों के लिए कोई बजट नहीं मिलता है।

गर्म क्षेत्रों के स्कूलों के लिए नहीं है कोई प्रबंध

बिलासपुर जिला गर्म क्षेत्र जिला में आता है। लेकिन दिसंबर व जनवरी माह में बिलासपुर में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इस दौरान छात्रों के लिए स्कूलों सर्दी से बचने के लिए कोई प्रबंधन नहीं किए जाते हैं। सरकार द्वारा इसके लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। इसी कारण से हर साल बच्चों को सर्दियों में ठिठुरना पड़ता है।

Posted By: Jagran

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