जागरण संवाददाता, बिलासपुर : क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में तैनात स्टाफ सरकार की ओर से आम लोगों को इलाज के लिए मुफ्त दवाएं देने के आदेशों का सरेआम उल्लंघन कर रहा है। अस्पताल के स्टोर में करोड़ों रुपये की दवाएं पड़ी हैं। लेकिन तीमारदारों को इन्हीं दवाओं को बाजार से खरीदने के लिए भेजा रहा है। सोमवार को अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों को मेडिकल स्टोर से दवाएं लाने के लिए बाध्य किया गया।

पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अस्पताल बदतर हालातों से गुजरा। पूरे पांच साल तक व्यवस्था पटरी से उतरी हुई नजर आई। लोगों ने सत्ता बदली तो उम्मीद कि अब हालात सुधरेंगे। सदर विस हलके के विधायक सुभाष ठाकुर ने प्रयास भी किए। कुछ महीनों की अथक मेहनत के बाद सरकार ने करीब हर मर्ज के इलाज के लिए डॉक्टरों की तैनाती की। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि अब चिकित्सक लोगों की दिक्कतों का समाधान करेंगे और व्यवस्था में सुधार होगा। लेकिन चिकित्सकों की नियुक्ति के बावजूद अस्पताल प्रशासन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में गंभीर नजर नहीं आ रहा है। स्टाफ वार्डो में दाखिल होने वाले मरीजों को स्टोर में मौजूद दवाएं मुहैया करवाए जाने के बावजूद मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर कर रहा है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। आरोप लग रहे हैं कि मेडिकल स्टोर संचालकों को फायदा पहुंचाने के लिए यह कवायद हो रही हो।

उधर, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश शर्मा ने कहा कि सरकार ने मरीजों के लिए तीन सौ से अधिक दवाएं देने का प्रावधान किया है। अगर ऐसा हुआ है तो संबंधित मरीज शिकायत करें। स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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