संवाद सहयोगी, झंडूता : झंडूता विधानसभा क्षेत्र के झंडूता में अरसे चली आ रही बस स्टैंड के निर्माण की मांग पूरी नहीं हो सकी है। यहां पर बस अड्डे का निर्माण महज घोषणाओं तक ही सिमट गया है। बस अड्डा न होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां से हर रोज दिल्ली, शिमला, बिलासपुर, हमीरपुर, ज्वालाजी, कोटधार, नादौन समेत कई जगहों के लिए बसे चलती हैं। लेकिन यहां पर बस अड्डा न होने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस सरकार के वक्त यहां पर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र ¨सह ने बस स्टैंड बनाने की घोषणा की थी। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। जिस कारण लाखों रुपये टैक्स देने वाले टैक्सी और बस ऑपरेटरों को भी सुविधा नहीं मिल रही है।

व्यापार मंडल झंडूता के प्रधान अनिल धीमान, ग्राम पंचायत प्रधान राकेश चंदेल, सुभाष, दिनेश चंदेल, पूर्व जिला परिषद सदस्य सुमन शर्मा, आंचल चंदेल, मुख्तियार पटियाल, रश्मि चंदेल, प्यार ¨सह ने बताया कि बस अड्डा न बनने के कारण लोगों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। यहां पर बस अड्डा बनने से व्यापारियों, स्थानीय लोगों, बस मालिकों, टैक्सी चालकों समेत हर वर्ग को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यहां पर उप मंडल कार्यालय, विकास खंड कार्यालय, राजकीय महाविद्यालय के अलावा कई कार्यालय यहां पर हैं। लेकिन बस स्टैंड न होने से लोगों को यहां पर दिक्कतें पेश आती है। लोगों ने प्रदेश सरकार से जल्द से जल्द से यहां पर बस अड्डे का निर्माण करने की मांग उठाई है। पूर्व विधायक बीरू राम किशोर ने बताया कि झंडूता में बस अड्डे की घोषणा की थी, लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद इस कवायद पर विराम लग गया है। वर्तमान समय में इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

वहीं, स्थानीय विधायक जीतराम कटवाल ने कहा कि अपने कार्यकाल में यहां पर बस अड्डा व टैक्सी स्टैंड अवश्य बनाएंगे। वर्तमान सरकार घोषणाओं की बजाए कार्य पर ध्यान दे रही हैं। यहां पर घोषणाओं की बजाए सीधा काम होगा।

Posted By: Jagran