संवाद सहयोगी, स्वारघाट : स्वारघाट में राष्ट्रीय राजमार्ग पर खोले गए ट्रामा सेंटर का लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। ट्रामा सेंटर का उदघाटन किए हुए एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है लेकिन इसमें अभी तक स्टाफ की नियुक्ति भी नहीं हो पाई है। ऐसे में आपातस्थिति में घायलों को नालागढ़ या बिलासपुर ले जाना पड़ता है। स्टाफ न होने से ट्रामा सेंटर भवन में ताला लटका हुआ है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वारघाट का भी बुरा हाल है। यहां चिकित्सकों के दोनों पद रिक्त हैं। अन्य अस्पतालों का भी यही हाल है।

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स्वारघाट के दुकानदार राकेश ठाकुर ने कहा कि नयनादेवी क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा किया जाना चाहिए ताकि लोगों को राहत मिले।

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निक्का राम ने कहा कि ट्रॉमा सेंटर में स्टाफ की तैनाती न किया जाना ¨चता का विषय है। बिना भेदभाव के यहां स्टाफ तैनात होना चाहिए।

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कुटेहला निवासी अमित कुमार का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वारघाट व ट्रॉमा सेंटर में सरकार जल्द स्टाफ तैनात करे।

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गंभरपुल निवासी विक्की ठाकुर ने कहा कि स्वारघाट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी डॉक्टर न होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

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पंगा निवासी रामपाल ठाकुर का कहना है कि स्वारघाट में ट्रॉमा सेंटर बनने के बाद स्टाफ तैनात न होना चिंता का विषय है।

By Jagran