संवाद सहयोगी, कुठेड़ा :

कुठेड़ा पंचायत को स्वच्छता के क्षेत्र में निर्मल पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। लेकिन यह स्वच्छता केवल कागजों तक ही सीमित है। धरातल पर पंचायत में यह सच्चाई कागजों में किए गए दावों से कोसों दूर है। स्थानीय लोगों राहुल भाटिया, अशोक, अजय, मनोज, दलीप, संजय, जीवन, विजय, सुमन, राजीव, मनोहर, मस्त राम, प्रेम ¨सह, अश्वनी, प्रवीन, प्रदीप, प्रेमलाल, राजकुमारी, अंजना देवी ,गीता देवी देवी, सुलेंद्रा, निर्मला देवी आदि ने बताया कि पंचायत कार्यलय से 500 मीटर की दूरी पर बीच कुठेड़ा बाजार में गंदगी के ढेर के कारण साथ रिहायशी मकानों में रहने वाले परिवारों का जीना मुश्किल हो चुका है। कई बार पंचायत प्रतिनिधियों को भी इस मामले को लेकर अवगत करवाया पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उधर, कुठेड़ा बाजार में वर्षाशालिका का निर्माण किया जा रहा है और मलबे के कारण नालियां बंद हो चुकी हैं। इन्ही निकासी नालियों के साथ दो कंप्यूटर सेंटर, निजी 3 निजी बैंक और करीब 150 दुकानें है। गंदगी के ढेर लगे होने से मजबूर परेशान होना पड़ रहा है।

उधर, पंचायत प्रधान सुमन चंदेल ने बताया कि बाजार में कूड़ा व गंदगी फैंकने वालों के लिए व्यापार मंडल को निर्देश जारी करेगी और जो लोग दोषी पाए गए उनके ऊपर पंचायत की आम सभा की बैठक में जुर्माना करने व गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया जाएगा तथा ग्राम सभा जुर्माना तय करेगी।

वहीं, व्यापार मंडल प्रधान राकेश सोनी ने कहा कि सभी दुकानदारों को गंदगी न फैलाने की सलाह दी गई है। अगर कोई इसकी अवहेलना करेगा तो व्यापार मंडल उन्हें जुर्माने का प्रावधान करेगा।

उधर, ठेकेदार राकेश ठाकुर ने बताया कि जब वर्षाशालिका गिरने की कंगार पर थी तो लोक निर्माण विभाग ने इसके आगे मिट्टी का ढेर लगा दिया था जो पहले से वहां गिरा है। उसको उठाना विभाग की जिम्मेवारी है।

वहीं, एसडीओ लोक निर्माण विभाग रतन लाल शर्मा ने कहा की मौके का निरीक्षण किया जाएगा। उसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा और जल्दी ही विभाग इन नालियों की सफाई करवाएगी।

Posted By: Jagran