संवाद सहयोगी, झंडूता : पुलिस थाना तलाई के तहत वनकाटुओं ने लॉकडाउन का फायदा उठाते हुए खैर के 16 पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई है। इन पेड़ों की कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है। पेड़ों के कटने की खबर वन गार्डो को तब लगी जब वह गश्त करने पहुंचे। गार्डो ने इसकी सूचना संबंधित बीओ तथा आरओ को दी। सूचना मिलने पर आरओ ने कार्रवाई करते हुए वनकाटुओं के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवा दी है।

हैरानी की बात है कि कोरोना वायरस से बचने के लिए बिलासपुर जिला में लॉकडाउन घोषित किया गया है लेकिन वनकाटू इस लॉकडाउन का लाभ उठाते हुए पेड़ों को काटने में लगे हुए हैं। पुलिस थाना तलाई के तहत खंड गोचर के तहत दो बीटों से करीब 16 पेड़ काट कर लिए गए हैं जबकि उनके अवशेष उन्होंने वहीं फेंक दिए जिससे वनरक्षकों को पेड़ों के कटने का अहसास हुआ।

जानकारी के अनुसार गोचर खंड के तहत गोचर बीट से वनकाटू छह पेड़ तथा तलाई बीट के तहत गेहरा गांव से दस पेड़ काट कर ले गए हैं। हालांकि देशभर में लॉकडाउन के कारण किसी को भी घर से निकलने की अनुमति नहीं है जिस कारण वनों में भी चेकिग नहीं हो रही थी। गत 27 मार्च को वन विभाग की ओर से होमगाडर्स को चेकिग करने की अनुमति मिली तो वह चेकिग करते हुए गोचर बीट तथा तलाई बीट की ओर गए जहां पर उन्हें खैर के पेड़ की टहनियां कटी हुई मिली तथा पेड़ गायब थे। छानबीन करने पर पता चला कि वनकाटू कुल 16 पेड़ काट कर ले गए हैं। गोचर बीट से काटे गए छह पेड़ों की कीमत डेढ़ लाख तथा तलाई बीट से काटे गए दस पेड़ों की अनुमानित कीमत करीब ढाई लाख रुपये है। ऐसे में इन पेड़ों की कुल कीमत चार लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

Posted By: Jagran

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