विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हाल ही में जारी आंकड़ों के हवाले से यह बताया गया है कि वायु प्रदूषण के कारण भारत में हर साल 14 लाख लोगों की असामयिक मौत हो रही है। इसका साफ मतलब है कि हर 23 सेकेंड में एक व्यक्ति की जान जा रही है।जन अभियान 'हवा बदलो' ने एक वीडियो के जरिए दर्शाया है कि अगर वायु प्रदूषण के स्तर में बढ़ावा होता रहा, तो 2030 में एक 'टाइम बम' जरूर फटेगा।

गुड़गांव स्थित एक 'स्टार्टअप सोशल क्लाउड वेंचर्स' के नेतृत्व वाले एक स्वतंत्र लोगों के आंदोलन 'हवा बदलो' का लक्ष्य वायु गुणवत्ता स्तर को बदलना और देश को प्रदूषण रहित बनाना है। सीएनजी वितरण कंपनी गेल इंडिया के साथ मिलकर 'हवा बदलो' ने एक वीडियो 'टाइम बम' जारी किया है। इसमें दर्शाया गया है कि अगर वायु प्रदूषण के स्तर में बढ़ावा होता रहा, तो किस प्रकार 2030 में लोगों का ऑक्सिजन किट के बगैर जीना मुश्किल हो जाएगा।

'हवा बदलो' के संस्थापक निपुण अरोड़ा ने प्राकृतिक गैस को अपनाने की अपील करते हुए कहा, "यह वीडियो हमें चेतावनी दे रहा है कि अगर प्रदूषण को यहीं नहीं रोका गया, तो 2030 का भारत कैसा होगा? हमारा आरामदायी होना और एक समृद्ध जीवन चाह हमें स्वार्थी बना रही है, जिसे रोका जाना जरूरी है। "

गेल इंडिया की प्रवक्ता वंदना चनाना कहती हैं, "यह 'टाइम बम' वीडियो हमें दशार्ता है कि भारत का भविष्य कैसा होगा? इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि आने वाले कुछ साल में प्रदूषण के कारण मृत्युदर बढ़ जाएगी और यह बम फटकर हमारे श्वसन तंत्र को बर्बाद करना शुरू कर देगा। "

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प्रदूषण से बचाव में काम नहीं आता मुंह पर रुमाल या स्कार्फ बांधना

Posted By: Rahul Sharma