हरियाणा: यमुनानगर में बिजली बहाली के बाद भी परेशानी, लो वोल्टेज और फॉल्ट से लोग परेशान; 48 घंटे में 6000 शिकायतें दर्ज
यमुनानगर में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन बढ़े लोड के कारण लो वोल्टेज और जंपर फाल्ट जैसी नई समस्याएं सामने आईं।

हरियाणा: यमुनानगर में बिजली बहाली के बाद भी परेशानी (फाइल फोटो)
HighLights
हड़ताल के बाद 148 बंद फीडर रातभर में चालू किए गए।
दो दिनों में 6000 शिकायतों में से 5500 का निपटारा हुआ।
बिजली बहाल होने पर लो वोल्टेज, जंपर फाल्ट की समस्या आई।
जागरण संवाददाता, यमुनानगर। बिजली निगम के अफसरों और कर्मचारियों की दो दिन की हड़ताल के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई, लेकिन लोगों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई।
शुक्रवार रात कर्मचारी ड्यूटी पर लौटे और रातभर अभियान चलाकर 490 में से बंद पड़े 148 फीडर चालू किए। इसके बाद बढ़े लोड से कहीं लो वोल्टेज तो कहीं जंपर फाल्ट की समस्या सामने आई।
शनिवार सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक चार घंटे में 141 नई शिकायतें आईं। हड़ताल के दौरान दो दिन में बिजली बंद होने की करीब 6000 शिकायतें दर्ज हुईं। बिजली संकट से परेशान लोगों ने 13 जगह प्रदर्शन किए और राष्ट्रीय राजमार्ग समेत आठ सड़कों पर जाम लगाया था।
1479 कर्मचारियों में नौ ड्यूटी पर
बिजली निगम के कुल 1479 कर्मचारियों में से केवल नौ ड्यूटी पर थे। इनमें एक एसई, एक एक्सईएन, तीन एसडीओ और चार जेई शामिल थे।
बाकी 1470 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इनमें पांच एक्सईएन, 14 एसडीओ, 90 जेई और डीसी रेट व कौशल रोजगार निगम के कर्मचारी शामिल थे।
दो दिन की हड़ताल के दौरान बिजली बंद होने की करीब 6000 शिकायतें आईं। हड़ताल के कारण शिकायतों का समाधान नहीं हो पाया। कई इलाकों में 24, 36 और 42 घंटे तक बिजली गुल रही। जिले के करीब 148 फीडर बंद हुए।
जनजीवन से कारोबार तक प्रभावित
बिजली संकट का असर पेयजल आपूर्ति से लेकर घरेलू कामकाज तक पड़ा। दुकानों, बाजारों, फैक्ट्रियों, स्कूल-कालेजों, अस्पतालों और सरकारी विभागों के कामकाज पर भी असर पड़ा।
लंबे समय तक बिजली का इंतजार करने से परेशान लोग सड़कों पर उतर आए। जिले में 13 जगह प्रदर्शन हुए और राष्ट्रीय राजमार्ग समेत आठ सड़कों पर जाम लगाया गया।
रातभर चला बहाली अभियान
हरियाणा पावर एम्प्लाइज एवं इंजीनियर्स संयुक्त मोर्चा की ओर से शुक्रवार रात हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया गया। इसके बाद कर्मचारी ड्यूटी पर लौट आए। बंद फीडर और बाधित लाइनों को चालू करने के लिए टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जुट गईं। रात एक बजे तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू व औद्योगिक श्रेणी की बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई। शनिवार सुबह ट्यूबवेलों की बिजली भी चालू कर दी गई।
6000 में से 5500 शिकायतों का निपटारा
हड़ताल के दौरान दर्ज 6000 शिकायतों में से देर रात तक 5500 का निपटारा कर दिया गया। कई शिकायतें एक ही फीडर या क्षेत्र से संबंधित थीं। ऐसे में संबंधित फीडर या लाइन चालू होने पर उससे जुड़ी कई शिकायतों को भी निपटाया हुआ माना गया।
हालांकि, बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद बढ़े लोड से कुछ स्थानों पर लो वोल्टेज और जंपर उड़ने जैसी तकनीकी दिक्कतें सामने आईं। इन्हें दूर करने के लिए टीमें फील्ड में जुटी रहीं।
हड़ताल खत्म, फिर भी बिजली के लिए जाम
हड़ताल खत्म होने के बाद बिजली निगम के अधिकारियों ने सभी फीडर चालू होने का दावा किया, लेकिन कई इलाकों में बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हुई। रात में बिजली नहीं आने पर दुर्गा गार्डन के निवासियों ने छोटी लाइन पर जाम लगा दिया। वहीं, गंगानगर कालोनी के लोगों ने जगाधरी-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर समता योग आश्रम के बाहर जाम लगाया।
हड़ताल के बाद भी दिक्कत
शनिवार सुबह भी मुखर्जी पार्क, इंदिरा कॉलोनी , धर्मपुरा और विजय नगर समेत दर्जनों कालोनियों और गांवों में लोग बिजली आपूर्ति सुचारू होने का इंतजार करते रहे। दूसरी ओर, बिजली बहाल होने के बाद बढ़े लोड से लो वोल्टेज और जंपर फाल्ट की शिकायतें भी आती रहीं।
शुक्रवार रात साढ़े दस बजे कर्मचारी ड्यूटी पर लौट आए थे। इसके बाद टीमें रातभर बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटी रहीं। रात एक बजे तक शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू और औद्योगिक श्रेणी की बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई थी। शनिवार सुबह ट्यूबवेलों की बिजली भी चालू कर दी गई। अब सभी 490 फीडरों पर बिजली सुचारू है। लोड बढ़ने से कुछ स्थानों पर वोल्टेज और जंपर उड़ने जैसी दिक्कतें आई हैं। इनके समाधान के लिए टीमें फील्ड में लगी हैं। -सोमबीर, एसई, बिजली निगम यमुनानगर
