विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अंतिम संस्कार से ठीक पहले जिंदा हो गया बुजुर्ग, फिर 2 घंटे बाद हुई मौत; जानें पूरा मामला

Published: Thu, 17 Jul 2025 05:28 PM (IST)

छछरौली के गांव कोट बसावा सिंह में 75 वर्षीय शेर सिंह को मृत मानकर अंतिम संस्कार की तैयारी की जा ...और पढ़ें

मृतक शेर सिंह के आवास पर बैठे ग्रामीण व स्वजन। (फोटो- जागरण)
मृतक शेर सिंह के आवास पर बैठे ग्रामीण व स्वजन। (फोटो- जागरण)

HighLights

  1. मृत घोषित व्यक्ति अंतिम संस्कार से पहले जिंदा
  2. ब्रेन स्ट्रोक के बाद अस्पताल में हुई थी मौत
  3. डॉक्टरों ने क्लिनिकल डेथ से वापसी बताया

संवाद सहयोगी, छछरौली। गांव कोट बसावा सिंह में 75 वर्षीय शेर सिंह को मृत मानकर अंतिम संस्कार की तैयारी की गई थी लेकिन वह अचानक से जिंदा हो गए। उन्हें अस्पताल में लेकर गए। जहां कुछ घंटे बाद ही उनकी मौत हो गई। वीरवार को उनका संस्कार कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि शेर सिंह को ब्रेन स्ट्रोक आया था। जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहां से शव लेकर परिवार के लोग गांव में आए। अंतिम संस्कार की तैयारी की गई।

अंतिम संस्कार से ठीक पहले खोल दी आंखे

बुधवार को श्मशान घाट में उनके संस्कार के लिए लकड़ियां पहुंचा दी गई। जब संस्कार से पहले शव को नहलाया जाने लगा तो अचानक से उनके शरीर में हरकत में हुई और उन्होंने आंखें खोल दीं। यह देख स्वजन और ग्रामीण स्तब्ध रह गए तुरंत उन्हें फिर से अस्पताल लेकर गए। जहां कुछ समय तक उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया। जहां कुछ देर बाद ही उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने इस बार पुष्टि की कि अब वह जीवित नहीं हैं।

डॉक्टर ने क्या बताया?

छछरौली के एसएमओ डॉ. वागीश गुटैन ने बताया कि बिना पूरी मेडिकल रिपोर्ट के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना मुश्किल है लेकिन ऐसे दुर्लभ मामलों में कभी-कभी तात्कालिक चेतना लौट आती है, जिसे क्लिनिकल डैथ से वापसी भी कहा जाता है। हालांकि यह मामला पूरी तरह चिकित्सा जांच का विषय है।

ये भी पढ़ें- 'गणेश की मौत संविधान की हत्या...' हिसार डीजे विवाद पर राहुल गांधी का पोस्ट, बोले- दलितों की जान की कोई कीमत नहीं