विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Youtube से सीख शुरू की ड्रैगन फ्रूट की खेती, यमुनानगर में खेती कर मालामाल हो रहे किसान

Published: Mon, 21 Sep 2026 02:17 PM (IST)

यमुनानगर के किसान अच्छी बाजार मांग और मुनाफेदार कीमतों के कारण ड्रैगन फ्रूट की खेती की ओर बढ़ रहे हैं। ...और पढ़ें

ड्रैगन फ्रूट की खेती की ओर बढ़े किसान।

ड्रैगन फ्रूट की खेती की ओर बढ़े किसान।

HighLights

  1. ड्रैगन फ्रूट की खेती से किसानों को मिल रहा अच्छा भाव

  2. एक बार रोपाई के बाद 20 साल तक मिलता है उत्पादन

  3. पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण बढ़ रही है मांग

संजीव कांबोज, यमुनानगर। परंपरागत फसलों के बीच अब ड्रैगन फ्रूट भी अपनी जगह बना रहा है। बाजार में अच्छी मांग और 150 से 200 रुपये प्रति किलो तक मिल रहे भाव ने किसानों का इस विदेशी फल की खेती की ओर रुझान बढ़ा दिया है।

खास बात यह है कि दूसरी कई फसलों की तरह बार-बार रोपाई की जरूरत नहीं पड़ती। एक बार पौधे स्थापित होने के बाद कई वर्षों तक उत्पादन लिया जा सकता है। जिले में कई किसान पहले ही इसकी खेती से जुड़ चुके हैं। कुछ किसान अब इसकी रोपाई की तैयारी में हैं।

चंडीगढ़ तक पहुंच रही उपज

ड्रैगन फ्रूट की मांग स्थानीय बाजार के साथ बड़े शहरों में भी बनी हुई है। अकालगढ़ के किसान संदीप कांबोज ने आधे एकड़ में इसकी खेती शुरू की है। उन्होंने बताया कि खेत में फ्रूटिंग अच्छी हो रही है और बाजार में भी भाव संतोषजनक मिल रहा है।

उनके अनुसार पौधों में फल-फूल लगातार आते रहते हैं। लेकिन जुलाई से नवंबर तक पीक सीजन रहता है। चंडीगढ़ के साथ स्थानीय बाजार में भी ड्रैगन फ्रूट की अच्छी मांग है।

यूट्यूब पर वीडियो देखकर शुरू की खेती

गांव काठवाला के किसान हाकम राठी ने करीब दो साल पहले आधे एकड़ में ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की। उन्होंने खेती से जुड़ी जानकारी यूट्यूब पर वीडियो देखकर हासिल की और इसके बाद इसे अपने खेत में आजमाने का फैसला किया।

अब पौधों में फल आना शुरू हो गया है। हाकम का कहना है कि फसल अच्छी है और बाजार में मांग को देखते हुए इससे अच्छी आमदनी की उम्मीद है।

दूसरे किसानों को देखकर चुना नया रास्ता

दामला के किसान अनेज कांबोज ने बताया कि दूसरे किसानों से प्रेरित होकर उन्होंने भी रोपाई का फैसला लिया। इन दिनों उनके खेत में पौधों की रोपाई चल रही है।

उनके मुताबिक ड्रैगन फ्रूट में पैदावार और भाव दोनों ही इसकी किस्म पर निर्भर करते हैं। इसकी कई किस्में हैं और अच्छी किस्म का चयन उत्पादन पर सीधा असर डाल सकता है। इसलिए खेती शुरू करने से पहले किस्म का चयन और तकनीकी जानकारी महत्वपूर्ण है।

एक पौधा 20 साल तक देता है फल

फल के साथ नर्सरी भी एक बार पौधा लगाने के बाद करीब 20 साल तक फल देता है। फल के साथ-साथ पौधे से नर्सरी भी तैयार की जा सकती है। एक एकड़ में करीब चार हजार पौधे लगाए जा सकते हैं।

बाजार में मांग के साथ ड्रैगन फ्रूट पोषक तत्वों से भी भरपूर बताया जा रहा है। इसमें फाइबर, विटामिन, खनिज और एंटीआक्सीडेंट पाए जाते हैं। फल में पानी की मात्रा भी अच्छी होती है।

संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन किया जाता है। यही वजह है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के बीच भी इसकी मांग बढ़ी है।

यह भी पढ़ें- महाभारत युद्ध में जीत के बाद पांडवों ने हरियाणा के 'पांडू पिंडारा' में किया था कौरवों का पिंडदान, पढ़ें इतिहास