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यमुनानगर में खाद्य विभाग की दोहरी नीति, 1.85 करोड़ की रिकवरी के लिए राइस मिल नीलाम, 70 करोड़ के धान घोटाले पर 323 दिन से ढिलाई

Published: Sat, 03 Oct 2026 01:40 PM (IST)

यमुनानगर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग की दोहरी रिकवरी नीति पर सवाल उठ रहे हैं। एक ओर चावल जमा न ...और पढ़ें

यमुनानगर में खाद्य विभाग की दोहरी नीति, 1.85 करोड़ की रिकवरी के लिए राइस मिल नीलाम (फाइल फोटो)

यमुनानगर में खाद्य विभाग की दोहरी नीति, 1.85 करोड़ की रिकवरी के लिए राइस मिल नीलाम (फाइल फोटो)

HighLights

  1. चावल जमा न कराने पर दो राइस मिलों की संपत्ति नीलाम

  2. यमुनानगर में खाद्य विभाग की रिकवरी नीति पर उठे सवाल

  3. 70 करोड़ के धान घोटाले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं

पोपीन पंवार, यमुनानगर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में रिकवरी की दोहरी नीति अपनाई जा रही है। एक ओर चावल जमा न कराने पर पौंटी गांव में डीएफएससी की ओर से दो राइस मिल की जमीन, शेड और मशीनरी कब्जे में लेकर 1.85 करोड़ रुपये में नीलाम कर दी गई थी।

वहीं दूसरी ओर, करीब 70 करोड़ रुपये के धान घोटाले को सामने आए 323 दिन हो चुके हैं। इसमें केवल तीन आरोपित गिरफ्तार हुए, चार कर्मचारी बर्खास्त किए गए और 30 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी व अन्य जांच के दायरे में हैं, पर नुकसान की भरपाई के लिए संपत्ति की नीलामी व रिकवरी का अब तक इंतजार है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने 26 मई 2026 में संचालक जावेद खान की किसान राइस मिल व न्यू किसान राइस मिल पौंटी की संपत्ति नीलाम की। खान पर सदर थाना जगाधरी पुलिस ने अक्तूबर 2025 में केस दर्ज था। मलिकपुर खादर के रामंदीप सिंह ने 1.85 करोड़ रुपये की सर्वाधिक बोली लगाई।

रिजर्व कीमत 1.79 करोड़ 90 हजार रुपये थी। नीलामी में 14 कनाल 10 मरला जमीन, शेड, ड्रायर, मशीनरी और अन्य चल-अचल संपत्ति शामिल थी।

न्यू किसान राइस मिल में 6,629.94 क्विंटल चावल की कमी मिली थी। 44,900.625 क्विंटल धान आवंटित हुआ था, जिसके एवज में एफसीआइ को 30,083.42 क्विंटल चावल जमा होना था। केवल 23,490 क्विंटल चावल ही जमा हुआ। समायोजन के बाद देनदारी 2 करोड़ 96 लाख 2 हजार 567 रुपये रही। किसान राइस मिल पर हफैड ने 9,994.665 क्विंटल चावल गायब होने का आरोप लगाया था। इसकी कीमत करीब 4.57 करोड़ रुपये थी।