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'यह साधारण बात नहीं', हल्के में लिए DC प्रीति के आदेश तो अनिल विज हुए गर्म, SDO को चार्जशीट करने के दिए आदेश

Published: Fri, 25 Sep 2026 08:54 PM (IST)

मंत्री अनिल विज ने यमुनानगर में डीसी प्रीति के आदेशों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कार्रवाई में देरी पर नाराजगी जताई।

अनिल विज को रिकॉर्ड दिखाते हुए डीसी प्रीति। फोटो जागरण

अनिल विज को रिकॉर्ड दिखाते हुए डीसी प्रीति। फोटो जागरण

HighLights

  1. मंत्री अनिल विज ने प्रदूषण बोर्ड की देरी पर जताई कड़ी नाराजगी।

  2. डीसी प्रीति के आदेशों की अनदेखी पर कार्रवाई का निर्देश।

  3. यमुनानगर में एसडीओ को चार्जशीट करने के आदेश दिए गए।

पोपीन पंवार, यमुनानगर। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों द्वारा डीसी के आदेशों पर समय पर कार्रवाई न करने का मामला कष्ट निवारण समिति की बैठक में गरमा गया। डीसी प्रीति ने मंत्री अनिल विज को बताया कि बोर्ड के अधिकारी आदेश के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं करते, जिससे शिकायतों का समाधान नहीं हो पाता।

डीसी ने अपने आदेशों का 25 अक्टूबर 2025 का रिकार्ड भी मंत्री को दिखाया। विज ने कहा कि यह साधारण बात नहीं है, ये डीसी के आदेश हैं। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ को चार्जशीट करने के आदेश दिए।

यह मामला भोजपुर-परवाला की प्लाईवुड इकाई से संबंधित है। ग्रामीण सुनील कुमार ने करीब एक साल पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शिकायत दी थी। कार्रवाई न होने पर यह शिकायत डीसी के पास पहुंची। डीसी ने दो माह पहले कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन बोर्ड ने समय पर कोई कदम नहीं उठाया। बैठक से सात दिन पहले इकाई को क्लोजर नोटिस जारी किया गया।

डीसी के आदेश के बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

डीसी ने मंत्री को बताया कि वह अपने स्तर पर दिए जाने वाले आदेशों का रिकार्ड रखती हैं। उन्होंने बैठक में यह रिकार्ड भी दिखाया। उन्होंने कहा कि बोर्ड के अधिकारियों की समय पर कार्रवाई न करने से शिकायतों का समाधान लंबित रहता है।

मंत्री ने इसे गंभीरता से लिया और जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। पहले यह जांच की जाए कि डीसी के आदेश के बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई और किस स्तर पर देरी हुई। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एसडीओ को चार्जशीट करने के आदेश दिए और अगली बैठक में अधिकारियों से देरी का जवाब भी मांगा गया।

डीसी के आदेश का समय पर पालन होना चाहिए

बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी के प्रतिनिधि के तौर पर आए एसडीओ ने बताया कि क्लोजर नोटिस जारी करने के लिए ऊपर से अनुमति लेनी होती है। इस पर मंत्री ने कहा कि उन्हें इससे मतलब नहीं है। ऊपर के स्तर पर भी कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीसी के आदेश का समय पर पालन होना चाहिए।

बोर्ड की जांच में प्लाईवुड इकाई में कमियां पाई गई हैं। 18 सितंबर को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया। बोर्ड के अनुसार, यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ या कमियां दूर नहीं की गईं, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसमें इकाई बंद करने की कार्रवाई भी शामिल है।