जागरण संवाददाता, यमुनानगर : सदन के कार्यकाल की आखिरी बैठक में विकास कार्यों पर पार्षदों का दर्द खूब झलका। बैठकों में कभी कभार अपनी बात रखने वाले पार्षदों ने भी विकास कार्यों में अनदेखी का आरोप लगाया। हालांकि वार्ड नंबर 1 के पार्षद राम स्वरूप को नालागढ़ की माजरी में स्कूल का भवन मिलने की उम्मीद जगी है लेकिन अन्य पार्षद काफी नाराज दिखे। उनका एक ही आरोप रहा कि अब तक हाउस की 12 बैठकें हो चुकी हैं। ऐसे प्रस्तावों की कमी नहीं है, जोकि पहली बैठक में पास हो गए थे, लेकिन आज तक उन पर काम शुरू नहीं हुआ है। सदन के कार्यकाल की अंतिम बैठक है, अब अधिकारियों से और क्या उम्मीद की जा सकती है। पार्षदों ने विकास कार्यों में भेदभाव का भी आरोप लगाया है। इसके लिए उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उधर, अधिकारियों के मुताबिक बजट की कमी के कारण विकास कार्य रुके हैं लेकिन जैसे-जैसे बजट मिल रहा है, बिना भेदभाव के काम हो रहे हैं। हर बैठक में उठाया पार्कों का मुद्दा

वार्ड नंबर-14 से पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि उनके वार्ड में पार्कों के सौंदर्यीकरण का मामला पहली बैठक से उठता आ रहा है लेकिन आज तक इनमें काम शुरू नहीं हुआ है। वार्ड का लाडो पार्क व शहीद रॉकी हर्बल पार्क आज भी बदहाली झेल रहा है। इसके अलावा गढ़ी गुजरान में पड़ी नगर निगम की जमीन की चारदीवारी करवाए जाने का मुद्दा उठाया। हालांकि यह मुद्दा हाउस की प्रत्येक बैठक में उठता आ रहा है, गंभीरता से नहीं लिया। पैमाइश के बाद अधिकारियों ने खाली जमीन की तारबंदी व चारदीवारी कराने की बात कही थी। दो बार टेंडर हो चुके हैं लेकिन काम शुरू नहीं हुआ है। विकास कार्यों में भेदभाव

वार्ड नंबर-13 से पार्षद नवनीत शर्मा ने कहा कि उनके वार्ड में एससी ग्रांट से एक नाले का निर्माण नहीं करवाया जा रहा है, जबकि वार्ड नंबर-9 में एससी ग्रांट का एक करोड़ रुपया कम्युनिटी सेंटर के निर्माण पर लगा दिया गया। उन्होंने विकास कायों में भेदभाव का आरोप लगाया। इसके अलावा जर्जर टंकी को गिराने की बात कई बार हाउस की बैठक में उठाई जा चुकी है। कई बार हादसे हो चुके हैं लेकिन अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अधिकारी गंभीर नहीं

वार्ड नंबर-18 के पार्षद कर्मबीर का कहना है कि हाउस की बैठकों में पास हुए प्रस्तावों पर अधिकारी संज्ञान लेना मुनासिब नहीं समझते। अवैध निर्माण की शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती। हाउस की पहली बैठक में ही निगम की जमीनों को संरक्षित करने का मामला उठाया था। निगम में आने के बाद ग्रामीण एरिया की जमीनों पर अवैध कब्जे बढ़ रहे हैं लेकिन आज तक इस दिशा में काम नहीं हुआ है। पानी की निकासी नहीं हुई

वार्ड नंबर 17 की पार्षद सुशल जावला ने वार्ड में पानी की निकासी से संबंधित प्रस्ताव रखा। उनका कहना है कि हर बैठक में वे इस समस्या को रखती आ रही हैं लेकिन आज तक समस्या ज्यों कि त्यों है। पानी की निकासी न होने के कारण आखिर कब तक क्षेत्र के लोग बदहाली झेलते रहेंगे। इस पर अधिकारियों ने कहा कि अधिकारी जल्द ही विचार विमर्श करके समस्या का समाधान करेंगे।

Posted By: Jagran

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