संवाद सहयोगी, रादौर : अधिकारियों ने नगरपालिका की जमीन पर बनी दुकानों और अन्य संस्थाओं का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। दुकानों पर काबिज 20 दुकानदारों को नोटिस भेजकर नपा ने किरायेदार होने के कागजात पेश करने को कहा है। किरायेदार होने के कागजात पेश न करने वाले दुकानदारों को तीन नोटिस भेजकर मामला न्यायालय में ले जाकर नपा ने ऐसे दुकानदारों से दुकाने खाली कराने की अपनी योजना पर कार्य किया जा रहा है। नपा की इस कार्रवाई से दुकानदारों में हडकंप मच गया है। उधर, मामले को लेकर नपा के पार्षद दुकानदारों के पक्ष में आए।

पार्षदों ने बुलाई आपात बैठक

नपा पार्षद डॉ प्रीत गर्ग के नेतृत्व में पार्षदों ने मामले को लेकर मंगलवार दोपहर दो बजे नगरपालिका के कार्यालय में पार्षदों की आपातकालीन बैठक बुलाई है। पार्षद बैठक में नपा अधिकारियों से बात करेंगे। रादौर निवासी अशोक कुमार ने बताया कि वह पिछले लगभग 30 वर्षो से अनाज मंडी रोड पर पानी की टंकी के पास चाय व हलवाई की दुकान चलाता है। उसने 1989 में नाथीराम सैनी से नगरपालिका की यह दुकान मोल ली थी। तब से वह नगरपालिका की दुकान का नियमित रूप से किराया देता आ रहा है। अब नगरपालिका की ओर से उसे व शहर के अन्य दुकानदारों को नगरपालिका की दुकानों में दुकानदारी करने पर किरायेदार होने के कागजात पेश करने को लेकर नोटिस जारी किए हैं। यह सरासर गलत है। वह ईमानदारी से अपना किराया दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें नोटिस भेजकर परेशान किया जा रहा है। नपा पार्षद डॉ. बिमल गर्ग, गुलशन सैनी, महिद्र पाल टीना, दलीप सिंह रिकू, कुलदीप नंबरदार, भगवतयाल कटारिया, देवेंद्र लक्की ने कहा कि नपा अधिकारी दुकानदारों को नोटिस भेजकर परेशान कर रहे हैं। इस प्रकार की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहर के सभी पार्षद दुकानदारों के साथ हैं। उनके साथ अन्याय नही होने दिया जाएगा।

फोटो : 29

दुकानदार कर रहे गड़बड़ : मलिक

नपा सचिव सुरेंद्र मलिक ने बताया कि शहर में नगरपालिका के पास 258 दुकानें है। बहुत से दुकानदारों ने अवैध रूप से अपनी दुकानों के कब्जे लाखों रुपये लेकर दूसरे दुकानदारों को बेच दिए हैं। बहुत से दुकानदार ऐसे है, जो नगरपालिका की दुकानों का हजारों रुपये किराया दूसरे लोगों को दुकानें देकर वसूल रहे हैं। यह सरासर गलत है। इसीलिए नगरपालिका की दुकानों में दुकानदारी करने वाले दुकानदारों से किरायेदार होने के कागजात मांगे जा रहे हैं। निर्धारित समय सीमा में नोटिस का जवाब न देने वाले दुकानदारों की दुकानें न्यायलय के माध्यम से खाली कराई जाएगी।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप