संवाद सहयोगी, रादौर : यमुना नदी में हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए बुधवार सुबह 9 बजे गुमथला अनाज मंडी में लोगों की महापंचायत को कामयाब बनाने के लिए ग्रामीणों ने हुंकार भरी। सैकड़ों ग्रामीण महापंचायत को लेकर लगातार तीसरे दिन बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों के बीच पहुंचे और उन्हें दल, बल के साथ गुमथला महापंचायत में पहुंचने का न्यौता दिया।

समाजसेवी एडवोकेट वरयाम ¨सह व पूर्व जिला परिषद सदस्य शिवकुमार संधाला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने गांव कंडरौली, खुखनी, चौगांवा, पोबारी, हंसु का माजरा, संधाला गांव में पहुंचे। सभी से हाथ जोड़कर महापंचायत में पहुंचने की अपील की गई। उधर, महा पंचायत को लेकर कमेटी की ओर से सभी बाढ़ प्रभावित गांवों में मुनादी करा कर सभी से पहुंचने की अपील की गई।

वरयाम ¨सह व शिवकुमार संधाला ने बताया कि महा पंचायत में क्षेत्र के लोग कड़े फैसले लेंगे। किसी भी सूरत में अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध खनन के कारण यमुना में बाढ़ आने पर किसान अपनी सैकड़ों एकड़ भूमि व फसलों से हाथ धो चुके है। जिसके लिए नहरी व खनन विभाग पूरी तरह से जिम्मेदार है। यदि खनन विभाग ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई करता तो आज ग्रामीणों को अपना वजूद बचाने के लिए संघर्ष न करना पड़ता। उन्होंने बताया कि महापंचायत में यमुनानगर जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों के अलावा पास के करनाल जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग भी भारी संख्या में पहुंचेंगे। साथ ही सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को न्यौता दिया गया है। किसानों व अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों को भी न्यौते भेजे गए है। मौके पर मनोज गुमथला, विनोद बतरा गुमथला, कुलदीप ¨सह, नरेश कुमार, अमरजीत, रामकुमार, जितेंद्र मेहता, नंदलाल संधाला, सर्वजीत ¨सह, गुरेदव ¨सह, सतनाम ¨सह, सोनू, रमेश, श्याम, अमरजीत, विनोद, अमरजीत, अमीलाल, राजेश, अशोक, कर्मवीर, अनिल, धर्मपाल, पवन कांबोज, रामकुमार वाल्मीकि, सुरेंद्र कुमार, निरंजन, मनजीत ¨सह, बल¨वद्र ¨सह, राजकुमार मौजूद रहे।

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