जागरण संवाददाता, यमुनानगर : पर्यावरण की शुद्धता के लिए सिगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर रोक लगाने के लिए इसके निर्माण और बिक्री करने वालों का चालान किया जाए। यह बात एडीसी व जिला पर्यावरण मोनीटरिग कमेटी की चेयरपर्सन रणजीत कौर ने अधिकारियों की बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि यह प्लास्टिक जहां नालों में पानी निकासी को अवरुद्ध करती है वहीं, ठोस कचरे में इसे जलाने से जहरीली गैस उत्पन्न होती है। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे टीमें बनाकर सिगल यूज प्लास्टिक बनाने और बेचने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करें।

बैठक में जिला के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कूड़ा प्रबंधन, तरल कूड़ा प्रबंधन, उद्योगों से निकलने वाले कचरे, ई-वेस्ट, बायो मेडिकल, घरेलू कूडे़ के प्रबंधन और अवैध खनन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा जारी हिदायतों की अनुपालना के लिए चलाई जा रही गतिविधियों की जानकारी निर्धारित प्रोफार्मा में समिति को प्रस्तुत करें। इस समिति की बैठक प्रतिमास आयोजित की जाएगी और सभी विभागों द्वारा पर्यावरण प्रदूषण रोकने के लिए चलाई जा रही विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने सिगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग सड़कों के निर्माण में प्रयोग होने वाले तारकोल के साथ इस्तेमाल करने की तकनीक को अपनाया है और लोक निर्माण विभाग सिगल यूज प्लास्टिक के प्रबंधन के लिए नोडल विभाग बनाया गया है। अवैध खनन से जुडे लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई अमल में लाने के निर्देश दिए गए। मौके पर डीएसपी मुख्यालय सुभाष चंद, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी निर्मल कुमार, सिचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता विनोद कुमार, कार्यकारी अभियंता नगर निगम रवि ओबराय, जिला खनन अधिकारी नीरज कुमार, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ अनिल कांबोज सहित समिति के सभी सदस्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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