जागरण संवाददाता, यमुनानगर :

सड़कों का जितना बुरा हाल यमुनानगर में है। इतना मैंने कभी नहीं देखा। रादौर से कुरुक्षेत्र जाने वाली सड़क का तो ओर भी बुरा हाल है। सड़कों पर जेब्रालाइन, कैटआइ तक नहीं है। मैं जब भी इस सड़क से आना जाना करता हूं तो ड्राइवर अंदाजा लगाता है कि सड़क कहां है। ज्यादातर सड़कें नेशनल हाईवे, पीडब्ल्यूडी व नगर निगम की हैं। लेकिन तीनों ही विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे हैं। यह बात एसपी कमलदीप गोयल ने शुक्रवार को रोड सेफ्टी की मीटिग में व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कही। उनकी बातें मीटिग में मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़वी जरूर लगी लेकिन सच्चाई यही है कि सड़क सुरक्षा पर होने वाली मीटिग को अधिकारियों ने कभी गंभीरता से नहीं लिया। जिला सचिवालय में हुई रोड सेफ्टी की मीटिग में सड़क सुरक्षा से संबंधित कई विषयों पर चर्चा हुई। जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। घटिया कैटआइ का मामला उठा

रोड सेफ्टी की मीटिग में सड़कों पर घटिया कैटआइ का मामला भी उठा। सड़कों पर कैटआइ लगाई जा रही हैं वह दो चार दिन में ही रात को चमकनी बंद हो जाती हैं। सड़क सुरक्षा कमेटी के सदस्य सुशील आर्य ने कहा कि कैटआइ लगाने का तरीका पूरी तरह से गलत है। ये एकदम घटिया क्वालिटी की हैं। कलानौर से कैल बाइपास पर भी कैटआइ लगी हैं वह तो आज तक खराब नहीं हुई। इस पर पीडब्ल्यूडी के एक्सइएन राजकुमार ने कहा कि बाजार में एक कैटआई की कीमत 100 से 420 रुपये तक है। डीसी मुकुल कुमार ने 10 दिन में सड़कों पर अच्छी क्वॉलिटी की कैटआइ लगाने के आदेश दिए। डीसी ने कहा कि यदि आपने सड़क पर सुधार करके एक जिदगी की बचा ली तो पुण्य के भागीदार होंगे। मेरे कालेज के कई बच्चे मर चुके हैं, मुझे भी सड़क पर डर लगता है

राजकीय कालेज छछरौली की प्राचार्या बलजीत कौर ने मीटिग में कहा कि महाराजा अग्रसेन कालेज जगाधरी से मानकपुर लक्कड़ मंडी तक सड़क किनारे इतने खोखे रखे हैं कि हर समय जाम रहता है। सड़क संकरी हो गई है। सड़क पर लगी ग्रिल तक तोड़ दी गई। मुझे कालेज जाने में मुझे 15 मिनट लगते थे लेकिन अब पौना घंटा लगता है। गत वर्ष मेरे कालेज के तीन-चार छात्र सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं। अब तो मुझे भी कालेज जाते हुए डर लगता है। प्रशासन को सड़क से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बड़े स्तर पर करनी चाहिए। रिफ्लेक्टर टेप लगाने का चलेगा अभियान : भारत भूषण

आरटीए सचिव भारत भूषण कौशिक ने कहा कि सर्दी व कोहरे को देखते हुए मानकपुर, मंडौली की लक्कड़ मंडी, माइनिग जोन व इंडस्ट्रियल एरिया में जाकर वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाई जाएगी। लोग रात को सड़कों पर ही वाहनों को खड़ा कर देते हैं जो अंधेरे में दिखाई नहीं देते। रिफ्लेक्टर टेप लगाने को अभियान के तहत चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रोड सेफ्टी की मीटिग में जिन एजेंडों पर चर्चा हुई है उन्हें गंभीरता से लेंगे। काम न करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करेंगे। वहीं मीटिग में नहीं आने वाले अधिकारियों को भी नोटिस भेजा जाएगा। अब बिना हेलमेट पहने महिलाओं पर होगी सख्ती

बिना हेलमेट पहन कर एक्टिवा चलाने वाली महिलाओं व युवतियों पर पुलिस सख्त होगी। एसपी कमलदीप गोयल ने डीएसपी ट्रैफिक सुरेंद्र कौर को निर्देश देते हुए कहा कि जिला में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के स्थलों पर इस बात की समीक्षा करें कि दुर्घटना होने का क्या कारण था। यदि सड़क में तकनीकी खामियों के कारण कोई दुर्घटना होती है तो तुरंत संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें ताकि उसे ठीक किया जा सके। वहीं बिना हेलमेट के वाहन चला रही महिलाओं के चालान की संख्या बढ़ाई जाए। बैठक में एसडीएम जगाधरी दर्शन कुमार, सिविल सर्जन डा. विजय दहिया, डीआरओ अभिषेक बीबीयान, नगर निगम के कार्यकारी अभियंता रवि ओबराय, मार्केटिग बोर्ड के कार्यकारी अभियंता अतुल प्रकाश, एसडीओ अनिल कांबोज, सहायक आरटीए पूर्ण सिंह, मेघराज समेत अन्य मौजूद रहे।

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