जागरण संवाददाता, यमुनानगर :

पोल्ट्री फार्म संचालक कमलदीप के खुद को आग लगाने के मामले की एसआइटी ने जांच पूरी कर ली है। यह जांच रिपोर्ट अब डीजीपी के पास है। वहीं से इस पर आगामी कार्रवाई होगी। तत्कालीन फर्कपुर थाना प्रभारी यशपाल नेहरा की डिपार्टमेंटल जांच खोली गई है। एसआइटी इंचार्ज व डीएसपी हेडक्वार्टर सुभाष चंद्र का कहना है कि हमारी जांच पूरी हो चुकी है। यह था मामला :

गत 26 सितंबर को विजय कॉलोनी के 50 वर्षीय कमलदीप ने तेल छिड़ककर खुद को आग लगा ली। झुलसी अवस्था में उसे पीजीआइ रेफर कर दिया गया था। इसी दिन शाम को उसकी कॉलोनी की ही महिला की शिकायत पर पुलिस ने कमलदीप, उसके बेटे उदय सिंह, दोस्त जितेंद्र व डिपल पर दुष्कर्म, धोखाधड़ी व साजिश रचने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। आग में झुलसे कमलदीप के भी मजिस्ट्रेट ने बयान लिए। उसके बयानों के आधार पर आरोप लगाने वाली महिला, उसके जेठ व उसका बेटा, फूफा, तत्कालीन थाना प्रभारी फर्कपुर यशपाल नेहरा, जगदीप, राजीव व एक महिला पुलिसकर्मी आशा पर केस दर्ज हुआ था। बयानों में उसने कहा था कि उसे घर से फर्कपुर उठाकर ले गई। जबकि उसकी कॉलोनी का एरिया शहर यमुनानगर थाने का था। यहां पर थाना प्रभारी ने उन्हें 15 लाख रुपये महिला को देकर मामला निपटाने का दबाव बनाया था। जिससे प्रताड़ित होकर उसने खुद को आग लगा ली। इस मामले में जांच के लिए एसपी ने डीएसपी हेडक्वार्टर के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया था। जिन पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज हुआ था। उन्हें भी लाइन हाजिर कर दिया गया था। यह आया जांच रिपोर्ट में :

जांच रिपोर्ट में इस केस में फंसे पुलिसकर्मियों को बचा लिया गया है। दरअसल, कमलदीप ने अपनी कॉलोनी का एरिया शहर यमुनानगर थाने का बताया, जबकि उसे फर्कपुर पुलिस लेकर गई थी। इसमें तर्क दिया गया कि कोर्ट की गाइडलाइन है कि महिला दुष्कर्म शिकायत दें, तुरंत उस पर कार्रवाई की जाए। एक अन्य यह है कि महिला व कमलदीप का लेन देन का मामला था। तीन साल से उनके बीच कोई संबंध नहीं रहा। उसने तीन साल पहले के संबंधों को आधार बनाकर आरोप लगाए थे। वहीं कमलदीप ने भी खुद ही आग लगाई थी। यह भी बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है। हालांकि अधिकारी इसकी जानकारी होने से इंकार कर रहे हैं।

Posted By: Jagran

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