नितिन शर्मा, यमुनानगर

सही पोषण देश रोशन जैसे स्लोगन महिला व बाल विकास विभाग के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ने को मिलते हैं। इस स्लोगन पर खुद विभागीय अधिकारी अमल नहीं करते। बच्चों व गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार मिल सके, इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं। ढाई माह से राशन की सप्लाई नहीं हो रही है। इसके चलते बच्चों को पोषाहार नहीं मिल पा रहा। आंगनबाड़ी वर्कर अपने पैसे से आलू व अन्य सामग्री खरीद कर परांठे बनाकर दे रही हैं। विभागीय अनदेखी के चलते केंद्रों पर समय से राशन आपूर्ति नहीं हो रही है। ये रहती है स्थिति

जिले में 1261 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इन पर 10 हजार से ज्यादा बच्चे पंजीकृत हैं। स्थिति ये है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में चीनी और तेल खत्म होने पर नौनिहालों व गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार के नाम पर नमकीन चावल व दलिया ही खिलाया जा रहा है। कुछ कार्यकर्ताओं को इधर-उधर से राशन उधार लेकर काम चलाना पड़ रहा है।

खाद्य सामग्री के अभाव के चलते नौनिहाल व महिलाएं आंगनबाड़ी में कम आ रहे हैं। आंगनबाड़ी वर्कर की ओर से खाद्य सामग्री खत्म होने की कई बार डिमांड भेजे जाने के बाद भी सामान की आपूर्ति नहीं की जा रही है। इसके चलते अभिभावकों को जवाब देते नहीं बन रहा। नहीं बना पा रहीं पोषाहार

वर्करों का ये भी कहना है कि वे सिर्फ अपनी सर्कल अधिकारी को बता सकती हैं। इससे ऊपर वे भी बात नहीं कर सकती। सर्कल अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वे इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराएं। केंद्रों पर राशन नहीं आ रहा है, लेकिन बच्चों के अभिभावकों की नाराजगी उन्हें झेलनी पड़ रही है। उनका कहना है कि यह रोज का काम हो गया है। कभी चावल होते है तो चीनी नहीं होती। जब चीनी होती है तो गेहूं व तेल नहीं होता। ऐसे में पोषाहार नहीं बना पा रहे हैं। ये है साप्ताहिक मैन्यू

सोमवार : दलिया

मंगलवार : आलू पूरी

बुधवार : मीठे चावल

वीरवार : गुलगुले

शुक्रवार : पराठे

शनिवार : नमकीन चावल वर्जन

महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला परियोजना अधिकारी सरिता चौहान का कहना है कि कुछ केंद्रों में राशन खत्म होने की बात सामने आई है। इस बार पूरी सप्लाई 1500 क्विटल गेहूं चावल व अन्य सामान आ चुका है। बुधवार से आंगनबाड़ी केंद्रों में सप्लाई भेज दी जाएगी। इसके बाद मेन्यू के हिसाब से पौष्टिक आहार लाभार्थियों को मिलेगा।

Posted By: Jagran

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