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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हौसला: खुद झेली दुष्‍कर्म की पीड़ा, अब डॉक्‍टर बन हरना चाहती है दूसरों की पीड़ा

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Tue, 21 Nov 2017 11:32 AM (IST)

ससुर और पति की दरिंदगी की‍ शिकार हुई 16 सल की लड़की के जज्‍बा सलाम करने लायक है। खुद छह ...और पढ़ें

हौसला: खुद झेली दुष्‍कर्म की पीड़ा, अब डॉक्‍टर बन हरना चाहती है दूसरों की पीड़ा
हौसला: खुद झेली दुष्‍कर्म की पीड़ा, अब डॉक्‍टर बन हरना चाहती है दूसरों की पीड़ा

यमुनानगर, [राजेश कुमार]। छह माह तक ससुर की हवस का शिकार बनी 16 साल की बालिका वधू पढ़-लिखकर डॉक्टर बनना चाहती है ताकि लोगों की सेवा कर सके। खुद अत्याचार का शिकार हुई यह लड़की दूसरों को राहत देना चाहती है। पति व ससुर के अत्याचार से मानसिक संतुलन खो बैठी इस किशोरी में उठ खड़ा होने का जज्बा है। उस पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का असर साफ दिख रहा है, लेकिन उसका हौसला इस पर भारी पड़ रहा है।

जागरण से बातचीत में उसने अपने सपने और उसे पूरा करने का जज्‍बा दिखाया। वह बोली, बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना था। इसलिए जब तक स्कूल गई, मन लगाकर पढ़ी। पापा से तलाक के बाद मां जगाधरी के एक प्राइवेट अस्पताल में स्टाफ नर्स का काम करने लगी। वह भी कई बार मां के साथ अस्पताल गई। वहां का माहौल देखकर उसे भी डॉक्टर बनने की इच्छा हुई। लेकिन, मां के दूसरी शादी करने के बाद वह नानी के घर पर रहने लगी।

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किशाेरी ने बताया कि कई माह घर पर रहने के कारण वह पढ़ने की उम्मीद छोड़ चुकी थी। नानी ने नौंवी कक्षा में दाखिला कराया तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा, लेकिन उसे नहीं पता था कि आने वाला समय उसकी जिंदगी बर्बाद कर देगा। धोखे से उसकी शादी एक मंदबुद्धि लड़के से करा दी गई।

बालकुंज में रहकर भी पढ़ेगी पीडि़ता

चाइल्ड हेल्पलाइन की निदेशक डॉ. अंजू बाजपेयी का कहना है कि पीडि़त लड़की को बालकुंज में रखा गया है। हमारा सबसे पहला प्रयास यही है कि यहां उसका दाखिला नजदीक के स्कूल में करवा दिया जाए। वह 12वीं कक्षा तक वहां रहते हुए पढ़ सकती है। हम चाहते हैं कि वह पढ़ लिख कर कुछ बने। हम उसकी काउंसलिंग करेंगे। हम चाहते हैं कि वह बालकुंज में ही रहे। लेकिन, यदि वह नानी के पास रहना चाहती है तो देखना होगा कि क्या वह अपनी नानी के पास सुरक्षित रह सकती है या नहीं।
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यह था मामला

नाबालिग को हाल में ही ससुरालियों के चंगुल से मुक्त कराया गया था। नानी ने जिस स्कूल में उसका दाखिला कराया था, वहां के प्रिंसिपल ने अपने मंदबुद्धि साले से उसकी शादी करवा दी। उसका ससुर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। पता चलने पर उसकी मां ने चाइल्ड हेल्पलाइन को फोन किया। इसके बाद उसे मुक्‍त कराया गया।

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