जागरण संवाददाता, जगाधरी वर्कशॉप : आरटीआइ का जवाब न देने पर सूचना आयुक्त ने रेलवे पर पांच हजार रुपये का जुर्माना किया। रेलवे के कार्यो में यूनियन की दखलअंदाजी बंद करने की मांग को लेकर राजेंद्रनगर के नरेंद्र शर्मा ने पत्र रेल मंत्रालय को भेजा है।

राजेंद्रनगर निवासी नरेंद्र शर्मा ने अपने पत्र में बताया कि रेलवे वर्कशॉप में यूनियन के पदाधिकारियों से मिली-भगत कर छह रुपये प्रति कर्मी काटने शुरू किए हैं। वर्कशॉप में साढ़े चार हजार से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। पैसे काटने संबंधी की जानकारी पहले मौखिक ली। इस पर उनको संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने सूचना का अधिकार उपयोग कर आरटीआइ लगाकर जानकारी ली, लेकिन सूचना नहीं दी। इस पर उन्होंने अपील सूचना आयुक्त, नई दिल्ली के पास की। उन्होंने जवाब नहीं देने पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। मामला बढ़ता देख यह वसूली बंद कर दी। काटे गए पैसे वापसी के लिए बात की, अधिकारियों ने फिर गोलमोल जवाब दिया। फिर से आरटीआइ लगाई। उनको बताया गया कि ये मामला अब कोर्ट में है। इसके बारे में जानकारी फिलहाल नहीं दी जा सकती। नरेंद्र का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर वेतन से पैसे काटे। अब गलती पर पर्दा डालने के लिए कर्मचारियों से फार्म भरवाए जा रहे हैं। रेलवे को जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई जिम्मेदार अधिकारियों व यूनियन पदाधिकारियों से की जाए। कर्मचारियों के वेतन से काटे गए पैसे ब्याज सहित वापस कराए जाएं।

Posted By: Jagran

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