जागरण संवाददाता, यमुनानगर : पुराना हमीदा में पुलिस चौकी वाली गली में रविवार तड़के साढ़े तीन बजे गुरुद्वारे के ग्रंथी परमजीत ¨सह के घर में रखा गैस सिलेंडर धमाके के साथ फट गया। धमाके के बाद घर में आग लग गई। धमका इतना जोरदार था कि घर की तीन दीवारों को तोड़ता हुआ पड़ोसी की रसोई के पास गिरा। हादसे में दोनों परिवारों के 10 से ज्यादा लोग बाल-बाल बच गए। दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुंच कर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

साढ़े तीन बजे हुआ धमका :

पुराना हमीदा निवासी परमजीत ¨सह ने बताया कि वह कुछ दूरी पर स्थित गुरुद्वारा में ग्रंथी है। रविवार तड़के साढ़े तीन बजे उसके घर में जोरदार धमका हुआ। धमाके की आवाज सुनते ही वे उठे। उन्होंने देखा कि घर में आग लगी है और धुंआ उठ रहा था। उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम व दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची और काफी देर में आग पर काबू पाया। जांच करने पर पाया कि घर में सबसे आगे बने कमरे में रखा गैस सिलेंडर फट गया था। जिस कारण यह हादसा हुआ।

पड़ोसियों के घर में गिरा सिलेंडर :

धमाका इतना जोरदार था कि कमरों की दो दीवारों को तोड़ते हुए पड़ोसी ओम प्रकाश राणा की रसोई की दीवार को तोड़ते हुए उनके घर में गिर गया। ओम प्रकाश राणा की रसोई में भी गैस सिलेंडर लगा हुआ था। यदि सिलेंडर उनके सिलेंडर से टकरा जाता तो हादसा ओर भी बड़ा व नुकसानदायक हो सकता था। गणिमत यह रही कि सिलेंडर आपस में टकराए नहीं। वहीं जिस कमरे में धमका हुआ उससे अगले ही कमरे में परमजीत ¨सह के किरायेदार सुरेंद्र ¨सह का भी सिलेंडर रखा था। धमाके के बाद वह भी एक तरफ से दब गया।

हादसे में बच गया पूरा परिवार :

जिस घर में धमाका हुआ उसमें परमजीत ¨सह के अलावा उसकी पत्नी नरेंद्र कौर, छोटी बेटी अमनप्रीत कौर, बड़ी बेटी बल¨जद्र कौर अपने बेटे जसनूर के साथ सोई हुई थी। बल¨जद्र कौर की शादी हो चुकी है। उसके पति बाहर रहते हैं। इसलिए दीपावली पर वो अपने मायके आई हुई थी। परमजीत ¨सह का कहना है कि घर की दीवारें टूटने से लेंटर के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। इसलिए दीवारों को उसने लकड़ी की बल्लियों के सहारा टिकाया हुआ है। आग से उसका करीब दो लाख रुपये का सामान जल गया। इसके अलावा घर को जो नुकसान हुआ है वो अलग से है।

बेटी की शादी का सामान भी जला :

परमजीत ¨सह के पास बेटा नहीं है। उनके पास केवल दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। जबकि छोटी बेटी अमनप्रीत की शादी अभी दो महीने के बाद होनी थी। इसलिए उन्होंने बेटी की शादी का सामान घर में ही रखा हुआ था। लेकिन सिलेंडर फटने के बाद घर में लगी आग के बाद घर में रखा सारा सामान जल गया। बेटी की शादी का सामान भी आग में स्वाह हो गया। उनका कहना है कि नुकसान तो वे किसी तरह झेल लेंगे लेकिन हादसे में उसका पूरा परिवार बच गया। सिर्फ वे ही नहीं उनका किरायेदार व पड़ोसी भी बच गए।

धमाके की आवाज सुनते ही पहुंचे लोग :

सुबह साढ़े तीन बजे जब धमाका हुआ तो एक किलोमीटर तक उसकी आवाज सुनाई दी। पहले तो लोगों ने समझा कि किसी ने दीपावली का बचा हुआ पटाखा चला दिया है। लेकिन जो लोग परमजीत ¨सह के नजदीक रहते थे उन्हें जोरदार आवाज सुनाई दी। इसलिए वे दौड़ते हुए गली में पहुंचे। धमाके से सभी काफी डर गए थे। धमाके के कारण घर की बिजली भी चली गई थी। इसलिए लोगों ने मोबाइल व टार्च की मदद से घर में रखे सामान को बाहर निकाला।

एजेंसी की कॉपी में नहीं था सिलेंडर का नंबर :

जिस सिलेंडर में धमाका हुआ वो एचपी कंपनी का था। यह सिलेंडर अमृत गैस एजेंसी से लिया गया था। परमजीत ने सिलेंडर की डिलीवरी 3 अक्टूबर को ली थी। धमाके के बाद सिलेंडर का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से नष्ट हो गया। इसलिए उस पर लिखे नंबर भी दिखाई नहीं दिए। लेकिन गैस एजेंसी की कॉपी में सिलेंडर का नंबर नहीं लिखा था। कुछ ही देर में एजेंसी संचालक भी परमजीत के घर पर पहुंच गए। परमजीत का कहना है कि गैस एजेंसी संचालक ने अपनी गलती मानने की बजाय उसे नया सिलेंडर देने का लालच दिया और थाने में शिकायत नहीं करने की बात कही। लेकिन इस हादसे में यदि उसके परिवार को कुछ हो जाता तो उसके नुकसान की भरपाई कौन करता। उसका घर भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इसलिए वो एजेंसी संचालक की शिकायत थाने में देगा।

Posted By: Jagran

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