पोपीन पंवार, यमुनानगर

जगाधरी विधानसभा सीट प्रदेश की हॉट सीटों में शुमार है। भाजपा से स्पीकर कंवरपाल, कांग्रेस से डिप्टी स्पीकर रहे अकरम खान और बसपा से आदर्श पाल चुनावी मैदान में हैं। जजपा से पूर्व विधायक अर्जुन सिंह सहित 11 प्रत्याशी भी दांव-पेंच लगा रहे हैं। हर प्रत्याशी जनता के बीच बड़े-बड़े दावे कर रहा हैं। एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी लग रहे हैं। जनता को लुभाने के लिए तमाम हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। वर्ष 2014 तक हुए 12 बार हुए विधानसभा चुनाव में तीन बार कांग्रेस, दो बार भाजपा, दो बार बसपा, दो बार हविपा और एक-एक बार जनसंघ, जनता पार्टी व आजाद प्रतिनिधि जीत कर आए। प्रदेश की पहली महिला स्पीकर शन्नो देवी भी यहां से जीतकर विधानसभा पहुंची थी। उन्होंने जनसंघ के प्रत्याशी इंद्रसेन को हराया था।

2014 में हुए विधानसभा चुनाव में जगाधरी सीट से भाजपा ने बढ़त बनाई है। यहां भाजपा से कंवरपाल और बसपा से अकरम खान के बीच मुकाबला हुआ। कंवरपाल को 74203 और अकरम को 40047 वोट पड़े थे। वर्ष 2009 में यहां बीएसपी से अकरम खान और कांग्रेस से सुभाष चौधरी के बीच मुकाबला रहा। अकरम खान 39868 वोट लेकर जीत गए थे। 2014 के विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या एक लाख 93 हजार थी। करीब 23 हजार युवा मतदाता इस बार जुड़े हैं।

जगाधरी

वर्ष जीता पार्टी वोट हारा पार्टी वोट

1996 सुभाष चंद हविपा 26709 बिशन लाल बसपा 20074

2000 बिशन लाल बसपा 25952 रामेश्वर चौहान भाजपा 22670

2005 सुभाष चंद कांग्रेस 32432 राजीव बसपा 29238

2009 अकरम खान बसपा 39868 सुभाष चंद कांग्रेस 35540

2014 कंवर पाल भाजपा 74203 अकरम खान बसपा 40047।

यह भी है खास

विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाता 215633 हैं। 115279 पुरुष और 100353 महिलाएं शामिल हैं। कुल मतदान केंद्र 85 हैं। पोलिग स्टेशन 239 हैं। यह विधानसभा सीट 1967 में अस्तित्व में आई। 1966 में हरियाणा बनने के बाद इस सीट पर बीजेएस से डी प्रकाश विधायक बने थे। पूर्व में ये सीट पंजाब विधानसभा एरिया में थी।

2009 में हुए परिसीमन में छछरौली विधानसभा हो गई थी खत्म

जगाधरी का बर्तन उद्योग बर्तन उद्योग विश्व विख्यात है। छोटी-बड़ी पीतल और मेटल की 1200 से ज्यादा फैक्ट्रियां हैं। पश्चिमी बंगाल, उत्तर प्रदेश, नेपाल, बिहार आदि राज्यों के हजारों युवक रोजगार पा रहे हैं। इसके उत्तरे छोर पर शिवालिक की पहाड़ियां स्थित हैं, तो दूसरे छोर पर कलसिया रियासत की राजधानी रहे छछरौली कस्बे में राजाओं के महल और धार्मिक स्थल अपनी अलग ही पहचान बनाए हुए हैं। इसके अलावा जगाधरी विधानसभा क्षेत्र में प्राचीन कलेसर मठ है। जहां पवित्र धार्मिक स्थल है और इसकी सीमा पर स्थित राष्ट्रीय कलेसर उद्यान अपनी अलग से शोभा बढ़ा रहा है। 2009 से पहले छछरौली विधानसभा अलग थी, लेकिन नए परिसीमन में छछरौली को जगाधरी, साढौरा विधानसभा में शामिल कर लिया गया।

शर्मा तीन बार बने विधायक

स्वर्गीय ओमप्रकाश शर्मा जगाधरी विधानसभा सीट से तीन बार चुनाव जीते। तीनों बाद अलग-अलग राजनीतिक दल से। शर्मा पहली बार वर्ष 1972 में इंडियन नेशनल दल के प्रत्याशी बने और चुनाव जीत गए। इसके बाद वर्ष 1985 में उन्होंने दूसरी बार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीता, जबकि 1991 में वह हरियाणा विकास पार्टी की टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचे। इसी बात के लिए वह क्षेत्र में चर्चित रहे।

Posted By: Jagran

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