जागरण संवाददाता, यमुनानगर : बिजली उपभोक्ताओं से बिल के पैसे लेकर फर्जी रसीदें देने के आरोपित रविद्र से ठगी के पैसों की रिकवरी करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर बना हुआ है। उसे चार दिन के रिमांड पर रखा गया है। आरोपित से 11 लाख रुपये की रिकवरी पुलिस को करनी है। करीब 33 लाख रुपये की इस ठगी को मारवां कलां के रविद्र, हरमनजोत, अंबाला के होली गांव के रमन, ज्ञानावाला के गौरव ने अंजाम दिया था। केस दर्ज होने के बाद हरमनजोत, रमन व गौरव ने अपने हिस्से के 24 लाख रुपये कंपनी को जमा करा दिए हैं, लेकिन रविद्र ने कोई पैसा जमा नहीं कराया।

पुलिस को अशोक ने बताया था कि बिजली बिलों के जमा करने का ठेका उनकी कंपनी ईपे ईफोसर्वे प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। इस कंपनी में रविद्र कुमार को 5 अक्टूबर, 2017 से जनवरी 2019 तक रखा गया था। रमन को 21 सितंबर 2017 से फरवरी 2019, हरमनजोत व गौरव को 12 अक्टूबर, 2017 से जनवरी, 2019 की नियुक्ति रही। आरोप था कि चारों आरोपितों ने मिलकर उपभोक्ताओं को प्रिटेड रसीदें नहीं दी। जब उपभोक्ता बिल भरते, तो उसके बदले में फर्जी रसीदें व मोहर लगाकर दे देते। इस तरह से करीब 33 लाख रुपये की धोखाधड़ी आरोपितों ने की। मामला तब खुला, जब उपभोक्ताओं के बिलों में जमा पैसे भी जुड़कर आने लगे। 19 सितंबर को केस दर्ज हुआ था।

Posted By: Jagran

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