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यमुनानगर में 31 अगस्त को भी जारी रहेगी पटवारियों की हड़ताल, बातचीत के लिए सरकार ने बुलाया चंडीगढ़

Published: Mon, 31 Aug 2026 08:28 AM (IST)

यमुनानगर में पटवारियों की हड़ताल 31 अगस्त को भी जारी रहेगी, जिससे इंतकाल और जमाबंदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य बाधित हो रहे हैं।

आज हड़ताल पर रहेंगे पटवारी (प्रतीकात्मक फोटो)

आज हड़ताल पर रहेंगे पटवारी (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. यमुनानगर में पटवारियों की हड़ताल 31 अगस्त को भी जारी।

  2. इंतकाल, जमाबंदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य हुए बाधित।

  3. एसोसिएशन को बातचीत के लिए चंडीगढ़ बुलाया गया।

जागरण संवाददाता, यमुनानगर। पटवारियों की हड़ताल ने आमजन की परेशानी बढ़ा दी है। 31 अगस्त को भी हड़ताल जारी रहेगी। कामकाज छोड़कर जिले के 88 पटवारी व 14 कानूनगो अनाज मंडी में धरने पर डटे हुए हैं।

जबकि लोग विभिन्न कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। हड़ताल के कारण इंतकाल, जमाबंदी, लोन एंट्री, गिरदावरी नकल व रिहायशी प्रमाण पत्र तैयार करने जैसे जरूरी सेवाएं बाधित हो रही हैं। रादौर, छछरौली, सरस्वतीनगर व व्यासपुर में भी पटवारी कामकाज बंद है।

उधर, सोमवार को नौ बजे एसोसिएशन को बातचीत के लिए चंडीगढ़ बुलाया गया है। महासचिव अवतार सिंह के मुताबिक राजस्व विभाग के सकारात्मक प्रयासों को देखते हुए एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन धरने के फैसले को स्थगित किया है। एक दिन के लिए सांकेतिक धरने का निर्णय लिया है। आज की मीटिंग के बाद आगामी रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।

पटवारी इसलिए हड़ताल पर

राजस्व पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के प्रधान रामफल गुर्जर और महासचिव ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता। तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि नए पोर्टल पर रोजाना नई तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं।

ऑनलाइन जमाबंदी में कई जगह मालिकों के नाम गायब हैं। पोर्टल पर रिकार्ड और तकनीकी खामियों की जिम्मेदारी आईटी विभाग की है। यदि पोर्टल पर इंतकाल स्वत: ठीक दर्ज हो रहे हैं तो इन इंतकालों पर आईटी विभाग प्रमुख के हस्ताक्षर होने चाहिए। मांगों को लेकर भी लंबे समय से सरकार के साथ बातचीत चल रही है।

लेकिन समाधान नहीं हुआ। पटवारियों व कानूनगो को आनलाइन कार्य करने के लिए कंप्यूटर सिस्टम और टैब देने की मांग भी वर्षों से लंबित है। इसके अलावा एलटीसी और गिरदावरी सहायकों के मानदेय को लेकर भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

उन्होंने कहा कि राजस्व रिकार्ड की शुद्धता बनाए रखने और अन्य मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए सांकेतिक धरने का निर्णय लिया गया है। यदि मांगों पर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।