जागरण संवाददाता, यमुनानगर :

मंडियों में धान पहुंचनी शुरू हो गया है, लेकिन यहां से गेहूं के स्टॉक अभी तक नहीं उठवाए गए हैं। शेड के साथ फड़ पर भी गेहूं है। शहर की जगाधरी सहित बिलासपुर व प्रतापनगर की अनाज मंडी से भी गेहूं का उठान नहीं हुआ है। यदि जल्दी ही उठान न हुआ तो सीजन में आढ़तियों व किसानों को परेशान का सामना करना पड़ेगा। उधर, अधिकारियों के मुताबिक 1 अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू होगी। तब तक फड़ पर रखा गेहूं उठ जाएगी।

इसलिए ओपन में गेहूं का स्टॉक

विभिन्न एजेंसियों के पास भंडारण के लिए जो गोदाम हैं, उनमें चावल भरा हुआ है। इसलिए गेहूं को खुले में रखना पड़ रहा है। इस बार दूसरे राज्यों में चावल की डिमांड कम होने के कारण गोदामों से नहीं उठ पा रहा है, जिन गोदामों में गेहूं स्टोर की जानी थी, वहां चावल रखा हुआ है।

फड़ पर भी नहीं जगह

अनाज मंडी जगाधरी के प्रधान संदीप कुमार का कहना है कि शेड तो दूर फड़ पर भी अनाज डालने की जगह नहीं है। मंडियों में अगेती धान की आवक शुरू हो गई है। एक अक्टूबर से सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। यदि गेहूं नहीं उठा तो आढ़तियों व किसानों की परेशानी बढ़ जाएगी। मंडियों में धान डालने की जगह नहीं मिलेगी। सरकार इस समस्या पर संज्ञान ले।

देवधर के प्रतापनगर अनाज मंडी के फड़ गेहूं से अटे पड़े हैं। शेड के नीचे भी गेहूं की बोरियां लगी है। ऐसे में आढ़ती व किसान दोनों परेशान हैं। उम्मीद थी कि धान के सीजन से पहले गेहूं उठ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। किसानों को चिता सता रही है कि वह धान की खरीद शुरू होने के बाद अपनी धान की ढेरी कहां डालेंगे।

किसान श्याम सिंह व रतन सिंह का कहना है कि गेहूं का भंडारण गोदामों में होना चाहिए, लेकिन यहां तो खुले आसमान के नीचे ही बोरियां लगी हुई हैं। न फड़ खाली हैं और न ही शेड। प्रशासनिक अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। धान की खरीद शुरू होने से पहले यहां लगा हजारों कट्टा उठाए जाएं।

Posted By: Jagran

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