जागरण संवाददाता, यमुनानगर : स्कूल, कालेजों में पढ़ रहे छात्रों के लिए चालक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना से दुर्घटनाओं को पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है। यह बात परिवहन विभाग के प्रधान सचिव शत्रुजीत सिंह ने वीरवार को 32वें सड़क सुरक्षा सप्ताह की समाप्ति के बाद वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए एसपी कमलदीप गोयल व आरटीए सचिव भारत भूषण कौशिक से कहे।

शत्रुजीत कपूर ने कहा कि जब तक प्रदेश में एक भी व्यक्ति की जान जा रही है तब तक सड़क सुरक्षा से जुड़ी संस्थाओं को दुर्घटना के कारणों की पड़ताल कर उसके निदान का रास्ता तलाशना होगा। कई शहरों में ट्रैफिक पार्क की स्थापना आइटीआइ में ड्राइविग ट्रेनिग सेंटर, मोटर व्हीकल टेस्टिग सेंटर, सभी कालेजों में ट्रैफिक इंटरपीटेशन सेंटर की स्थापना सकारात्मक पहल है। अब समय आ गया है कि उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश लेने वाले सभी युवाओं को बेहतर चालक बनाना होगा। जब युवा अध्ययन के बाद समाज की इकाई बन जीवन की शुरूआत करें तो सड़क पर चलते हुए भी एक बेहतर नागरिक का प्रमाण दें। आगामी शैक्षणिक क्षेत्र में सड़क सुरक्षा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता को और अधिक व्यापक बनाने की योजना है। सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिए गए हैं कि वह नियमित रूप से जिला सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक करें। साथ ही ड्राइविग लाइसेंस की प्रक्रिया को बेहतर बनाएं। परिवहन आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लों ने कहा कि सड़क परिवहन अभियांत्रिकी की दृष्टि से प्रदेश की सड़कों का रोड सेफ्टी आडिट कराया जाएगा ताकि दुर्घटना बिदुओं की पहचान का उन्हें हादसा मुक्त किया जा सके। इस योजना पर विभाग की ओर से कार्य किया जा रहा है।

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